मुंबई:मुंबई के कांदिवली पश्चिम इलाके से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां माथाडी कामगारों (मैन्युअल लेबर) के आवास के लिए आरक्षित पौने सात एकड़ (6.75 एकड़) सरकारी भूखंड को प्रशासन ने वापस अपने कब्जे में ले लिया है। यह सख्त कदम मुंबई उपनगर के जिला अधिकारी सौरभ कटियार द्वारा नियमों के उल्लंघन के चलते उठाया गया है।
कांदिवली पश्चिम के सह्याद्री नगर इलाके में कपड़ा बाजार और दुकान मंडल (Cloth Market and Shops Board) को माथाडी कामगारों के लिए घर बनाने के उद्देश्य से करीब 27 एकड़ जमीन 90 साल के लिए लीज (भाड़े) पर दी गई थी। इसके मुख्य नियमों के अनुसार, इस जमीन का इस्तेमाल केवल माथाडी मजदूरों को हक्के का घर देने के लिए किया जाना था।
इस जमीन में से करीब 20 एकड़ हिस्से पर 'विशाल सह्याद्री सहकारी गृहनिर्माण संस्था' द्वारा इमारतों का निर्माण किया गया। हालांकि, बची हुई पौने सात एकड़ सरप्लस जमीन को लेकर संस्था ने राज्य सरकार की पूर्व अनुमति के बिना ही एक निजी डेवलपर (विकासक) के साथ विकास अधिकार समझौता (Development Agreement) कर लिया।
कारण और जिला अधिकारी की कार्रवाई
1. नियमों का उल्लंघन: जमीन हस्तांतरण और पुनर्विकास से जुड़े नियमों और शर्तों का बड़े पैमाने पर उल्लंघन पाया गया।
2. नोटिस का जवाब न देना: जिला अधिकारी कार्यालय की ओर से इस संबंध में सहकारी संस्था को कई बार कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया था। संस्था द्वारा कोई संतोषजनक जवाब न मिलने पर प्रशासन ने इस अतिरिक्त भूमि को तुरंत वापस लेने का अंतिम आदेश जारी कर दिया।
3. मजदूरों के हक की अनदे

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