बहराइच जिला पंचायत अध्यक्ष मंजू सिंह का विपक्ष पर तीखा प्रहार,
ब्यूरो रिपोर्ट फरियाद अली
उ.प्र बहराइच: जिला पंचायत अध्यक्ष मंजू सिंह ने विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि विपक्ष जनता के बीच भ्रम फैला रहा है और वर्तमान भाजपा सरकार पर पूरी तरह से फर्जी आरोप मढ़ रहा है। उन्होंने दो टूक शब्दों में स्पष्ट किया कि विपक्ष द्वारा फैलाई जा रही इन भ्रामक जानकारियों में कोई सच्चाई नहीं है और चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए मंजू सिंह ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने भी स्पष्ट रूप से माना है कि फॉर्म 6 के साथ दिया जाने वाला घोषणा पत्र पूरी तरह से वैध है। उन्होंने बताया कि इलेक्ट्रोल रूल 1960 के तहत आज तक चुनाव की प्रक्रिया में कोई बदलाव नहीं हुआ है और न ही किसी प्रकार का कोई हेरफेर किया गया है। चुनाव आयोग पूरी मुस्तैदी के साथ हर एक मतदाता की भागीदारी सुनिश्चित करने का काम कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि अब तक देश में जितने भी चुनाव हुए हैं, वे पूरी तरह से पारदर्शी और निष्पक्ष रहे हैं।
विपक्षी दलों, विशेषकर कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि जब भी कांग्रेस और उसके सहयोगी दल चुनाव हारते हैं, तो वे अपनी हार का ठीकरा कभी ईवीएम (EVM) पर, कभी संवैधानिक संस्थाओं पर, तो कभी सीधे चुनाव आयोग पर फोड़ने लगते हैं। उन्होंने मांग की है कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों को संवैधानिक संस्थाओं पर ऐसे झूठे और बेबुनियाद आरोप लगाने के लिए बिना किसी शर्त के माफी मांगनी चाहिए।
लोकसभा चुनाव 2024 के बाद ईवीएम को लेकर उठे विवाद का जिक्र करते हुए मंजू सिंह ने कहा कि राहुल गांधी और विपक्षी नेता अपनी हार छुपाने के लिए विदेशी उद्योगपति एलन मस्क के बयान का हवाला देकर ईवीएम को भारतीय लोकतंत्र के लिए 'ब्लैक बॉक्स' बता रहे हैं और इसमें पारदर्शिता की कमी का झूठा दावा कर रहे हैं।
विपक्ष पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए मंजू सिंह ने याद दिलाया कि 2014 से पहले जब यही दल चुनाव जीतते थे, तब उन्हें न तो चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर कोई शक होता था और न ही वे ईवीएम या तत्कालीन सरकार पर कोई इल्जाम लगाते थे। उन्होंने कहा कि केवल चुनाव हारने के बाद ही इन दलों को ईवीएम और संवैधानिक संस्थाओं में खोट नजर आने लगता है, जो इनकी हताशा को दर्शाता है।

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