फाइट अगेंस्ट क्रिमिनल टीम व भारतीय जन संघर्ष मंच के संस्थापक टीम व अन्य पदाधिकारियों के साथ मौके का सघन निरीक्षण किया
ब्यूरो रिपोर्ट फरियाद अली
उ.प्र. बहराइच जीवन के अंतिम सफर पर निकलने वाले इंसान को जहां अंतिम विदाई दी जाती है, वही मोक्षधाम आज घोर बदहाली और प्रशासनिक अनदेखी का शिकार होकर रह गया है। जिले के प्रसिद्ध कंजाकोन मंदिर के पास स्थित श्मशान घाट इन दिनों अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है। स्थानीय नागरिकों की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद, फाइट अगेंस्ट क्रिमिनल टीम व भारतीय जन संघर्ष मंच के संस्थापक देवेंद्र प्रताप सिंह ने अपनी टीम व अन्य पदाधिकारियों के साथ मौके का सघन निरीक्षण किया। परिसर की जर्जर हालत देखकर उन्होंने गहरी नाराजगी व्यक्त की और प्रशासन से तत्काल इसके जीर्णोद्धार, सुंदरीकरण व मरम्मत की मांग उठाई है।
श्मशान घाट की वास्तविक स्थिति को बयां करते हुए देवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि यह पवित्र स्थल अब पूरी तरह से चोरों और असामाजिक तत्वों का अड्डा बन चुका है। परिसर की चारदीवारी कई जगह से टूट चुकी है। बेखौफ चोरों ने यहां अंतिम संस्कार के लिए बना टीन शेड खोल लिया है और मुख्य प्रवेश द्वार का लोहे का भारी गेट भी गायब कर दिया है। सबसे ज्यादा खतरनाक स्थिति सरयू नदी के किनारे बने घाट की है, जहां की पक्की सीढ़ियां टूटकर पूरी तरह धंस चुकी हैं। ऐसे में अंतिम संस्कार में शामिल होने वाले लोगों के लिए वहां स्नान करना जानलेवा साबित हो सकता है और किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। इसके अलावा पूरे परिसर में साफ-सफाई के अभाव में जंगली घास-फूस, खरपतवार और कंटीली झाड़ियों का अंबार लगा हुआ है।
हैरानी का विषय यह है कि स्टेट हाईवे और नेशनल हाईवे को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग इसी श्मशान घाट के ठीक किनारे से होकर गुजरता है। रोजाना यहां से हजारों राहगीरों और आला अधिकारियों के वाहनों की आवाजाही होती है, इसके बावजूद मोक्षधाम की इस कदर उपेक्षा सीधे तौर पर प्रशासनिक तंत्र की संवेदनहीनता को दर्शाती है। उल्लेखनीय है कि इसी श्मशान घाट के निकट ऐतिहासिक 'कंजाकोन मेला' भी आयोजित होता है, जिसमें बहराइच के अलावा कानपुर, लखनऊ, श्रावस्ती, गोंडा और बाराबंकी समेत कई जिलों से लाखों की संख्या में श्रद्धालु और व्यापारी पहुंचते हैं। ऐसे महत्वपूर्ण और आस्था के केंद्र वाले स्थल की इस दुर्दशा से पूरे क्षेत्र की छवि धूमिल हो रही है।
परिसर की बदहाली पर कड़ा रुख अपनाते हुए भारतीय जन संघर्ष मंच के पदाधिकारियों और स्थानीय ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन को अल्टीमेटम दिया है। मंच ने मांग की है कि अविलंब श्मशान घाट परिसर की साफ-सफाई कराई जाए, चोरी हुए टीन शेड व गेट का नया निर्माण हो और सरयू घाट की सीढ़ियों को दुरुस्त कराया जाए ताकि शोक संतप्त परिजनों को अंतिम समय में असुविधा न झेलनी पड़े। जन संघर्ष मंच ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि इस गंभीर समस्या पर शीघ्र संज्ञान लेकर कार्य शुरू नहीं किया गया, तो संगठन जनहित में बड़ा और उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।


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