कुमारी ओशीन फाउंडेशन और एम.के.ई.एस. लॉ कॉलेज ने छात्राओं के लिए स्मृति छात्रवृत्ति शुरू की
Tabish
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स्वर्गीय कुमारी ओशीन की स्मृति में पाँच वर्ष की पहल, हर वर्ष ₹5 लाख की छात्रवृत्ति, मेधावी छात्र पुरस्कार और इंटर्नशिप का अवसरमुंबई, 13 जुलाई: आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली छात्राओं को कानूनी शिक्षा में आगे बढ़ाने के उद्देश्य से कुमारी ओशीन फाउंडेशन और एम.के.ई.एस. कॉलेज ऑफ लॉ, मालाड ने सोमवार को एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। इसके तहत "कुमारी ओशीन मेमोरियल स्कॉलरशिप फॉर गर्ल्स" की शुरुआत की गई है। यह पाँच वर्ष की छात्रवृत्ति योजना स्वर्गीय कुमारी ओशीन की स्मृति में शुरू की गई है।इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन मेधावी छात्राओं को बी.ए. एलएल.बी. की पढ़ाई के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करना तथा उनमें नेतृत्व क्षमता, पेशेवर उत्कृष्टता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना है।समझौते के अनुसार, कुमारी ओशीन फाउंडेशन प्रत्येक वर्ष ₹5,00,000 की राशि पात्र छात्राओं की कॉलेज फीस के लिए उपलब्ध कराएगा। आवश्यकता पड़ने पर भविष्य में इस राशि को बढ़ाने का भी प्रावधान रखा गया है।यह छात्रवृत्ति केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं होगी, बल्कि छात्राओं के समग्र विकास पर भी ध्यान देगी।छात्राओं का चयन केवल परीक्षा के अंकों के आधार पर नहीं किया जाएगा। कॉलेज द्वारा गठित चयन समिति उपस्थिति, मूट कोर्ट प्रतियोगिताओं में भागीदारी, कानूनी शोध, नेतृत्व क्षमता, सामाजिक सेवा और आर्थिक स्थिति जैसे विभिन्न मानकों के आधार पर चयन करेगी। साथ ही एकल अभिभावक वाले परिवारों, अनाथ छात्राओं, दिव्यांग बच्चों तथा परिवार की इकलौती बेटी जैसी विशेष परिस्थितियों को भी प्राथमिकता दी जाएगी।योजना के अंतर्गत हर वर्ष बी.ए. एलएल.बी. तथा एलएल.बी. पाठ्यक्रम के सर्वश्रेष्ठ छात्र को "बेस्ट स्टूडेंट अवॉर्ड" दिया जाएगा। इसमें स्मृति-चिह्न, प्रशस्ति पत्र और ₹21,000 की नकद राशि प्रदान की जाएगी।छात्राओं को व्यावहारिक अनुभव दिलाने के उद्देश्य से प्रत्येक वर्ष बी.ए. एलएल.बी. की एक या दो योग्य छात्राओं को सिंघानिया एंड कंपनी एलएलपी में इंटर्नशिप का अवसर भी दिया जाएगा। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले इंटर्न को फर्म की भर्ती नीति के अनुसार भविष्य में एसोसिएट पद के लिए भी विचार किया जा सकता है।इस योजना के सफल संचालन के लिए एम.के.ई.एस. कॉलेज ऑफ लॉ आवेदन आमंत्रित करेगा, चयन प्रक्रिया संचालित करेगा, वार्षिक पुरस्कार समारोह आयोजित करेगा तथा छात्रवृत्ति के उपयोग और इंटर्नशिप की प्रगति से संबंधित वार्षिक रिपोर्ट फाउंडेशन को सौंपेगा। वहीं, कुमारी ओशीन फाउंडेशन आर्थिक सहयोग, कार्यक्रम के संचालन में भागीदारी और इंटर्नशिप के अवसर उपलब्ध कराने में सहयोग करेगा।समझौता ज्ञापन पर कुमारी ओशीन फाउंडेशन की ओर से डॉ. रीना जैन, निदेशक (शिक्षा एवं महिला सशक्तिकरण) तथा डॉ. शेखर चंद्र साहू, निदेशक (स्वास्थ्य एवं शिक्षा) ने हस्ताक्षर किए। एम.के.ई.एस. कॉलेज ऑफ लॉ की ओर से सुश्री शिजी बीजी, प्राचार्य तथा प्रो. (डॉ.) मौसमी दत्ता**, निदेशक, एम.के.ई.एस. ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस ने हस्ताक्षर किए।इस अवसर पर श्री अली सैयद, उपाध्यक्ष एवं प्रबंधक (सभी संचालन), सुश्री तनिषा स्वेता, केईएस कॉलेज, कांदिवली की छात्रा तथा एम.के.ई.एस. कॉलेज ऑफ लॉ के संकाय सदस्य भी उपस्थित थे।इस अवसर पर डॉ. रीना जैन ने कहा कि यह छात्रवृत्ति स्वर्गीय कुमारी ओशीन की स्मृति को समर्पित एक जीवंत पहल है। उन्होंने कहा, "यह केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि भविष्य की महिला विधि विशेषज्ञों को आगे बढ़ाने का प्रयास है। हर प्रतिभाशाली छात्रा को सम्मान के साथ उच्च शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलना चाहिए। हमें विश्वास है कि यह योजना अनेक छात्राओं को अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित करेगी।"प्रो. (डॉ.) मौसमी दत्ता ने इस साझेदारी का स्वागत करते हुए कहा, *"यह पहल मेधावी और जरूरतमंद छात्राओं को आगे बढ़ाने की हमारी साझा प्रतिबद्धता का प्रतीक है। हमें विश्वास है कि यह छात्रवृत्ति अधिक से अधिक छात्राओं को विधि शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।"कुमारी ओशीन फाउंडेशन के संस्थापक एडवोकेट प्रदीप कुमार जैन** ने अपने संदेश में कहा, "किसी भी राष्ट्र की वास्तविक शक्ति उसकी युवा पीढ़ी, विशेषकर उसकी बेटियों की शिक्षा में निहित होती है। इस छात्रवृत्ति का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक कठिनाइयाँ किसी भी प्रतिभाशाली छात्रा के सपनों में बाधा न बनें। हमें आशा है कि यह पहल योग्य छात्राओं को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने और एक अधिक शिक्षित एवं समान समाज के निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित करेगी।"*कुमारी ओशीन फाउंडेशन और एम.के.ई.एस. कॉलेज ऑफ लॉ दोनों ने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल समाजसेवा और उच्च शिक्षा के बीच एक स्थायी एवं प्रेरणादायी सहयोग का उदाहरण बनेगी।
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