ऑल इंडिया मेमन जमात फेडरेशन की जानिब से डॉ. इंद्रेश कुमार का पुरज़ोश इस्तक़बाल किया गया।
राष्ट्रीय मुस्लिम मंच के तआवुन से हिंदू-मुस्लिम इत्तेहाद, भाईचारे और आपसी मोहब्बत को फ़रोग़ देने पर हुई अहम गुफ़्तगू
संवाददाता शोएब म्यानुंर मुंबई
मुंबई, 9 अक्टूबर 2026। मुंबई के इस्लाम जिमखाना के कॉन्फ्रेंस हॉल में ऑल इंडिया मेमन जमात फेडरेशन की जानिब से राष्ट्रीय मुस्लिम मंच के तआवुन से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के वरिष्ठ लीडर और राष्ट्रीय मुस्लिम मंच के एडवाइज़र डॉ. इंद्रेश कुमार के इस्तक़बाल और एज़ाज़ में एक पुरवक़ार तक़रीब का इनइक़ाद किया गया। इस मौक़े पर डॉ. इंद्रेश कुमार का पुरज़ोश इस्तक़बाल किया गया और मुल्क में हिंदू-मुस्लिम इत्तेहाद, आपसी भाईचारे, मोहब्बत और यकजहती को मज़बूत बनाने के हवाले से अहम गुफ़्तूगू हुई।
इस तक़रीब में ऑल इंडिया मेमन जमात फेडरेशन के सदर इक़बाल मेमन ऑफिसर, सेक्रेटरी अब्दुल अज़ीज़ भाई मच्छीवाला, यूथ विंग के चेयरमैन इमरान फ्रूटवाला, लेडीज़ विंग की चेयरपर्सन रज़िया बाई चश्मावाला, जॉइंट सेक्रेटरी यूसुफ़ भाई मलकानी, सोशल एक्टिविस्ट दिलावर चौगुले, राष्ट्रीय मुस्लिम मंच के महाराष्ट्र इंचार्ज इरफ़ान पीरज़ादे, जय हिंद सैनिक संस्था के पंजाबराव मुढाने और उनकी पूरी टीम समेत दीगर कई नामवर शख़्सियात ने शिरकत की।
ऑल इंडिया मेमन जमात फेडरेशन की जानिब से इस प्रोग्राम के इनइक़ाद का बुनियादी मक़सद मज़हबी इख़्तिलाफ़ात से ऊपर उठकर इंसानियत, मोहब्बत, एहतराम और भाईचारे के पैग़ाम को आम करना था। फेडरेशन की कोशिश रही कि डॉ. इंद्रेश कुमार के साथ मिलकर हिंदू-मुस्लिम इत्तेहाद की एक शानदार मिसाल पेश की जाए और समाज के तमाम तबक़ात के दरमियान बाहमी राब्ते, एतमाद और यकजहती को फ़रोग़ दिया जाए।
तक़रीब के दौरान इस बात पर ज़ोर दिया गया कि हिंदुस्तान की असल ताक़त उसकी गंगा-जमुनी तहज़ीब, मुख़्तलिफ़ मज़ाहिब के मानने वालों के दरमियान बाहमी एहतराम और सदियों पुराने आपसी भाईचारे में पोशीदा है। मज़हब, ज़ात और बिरादरी के फ़र्क़ से बालातर होकर एक-दूसरे के जज़्बात का एहतराम करना और मिल-जुलकर समाज की तरक़्क़ी के लिए काम करना वक़्त की अहम ज़रूरत है।
ऑल इंडिया मेमन जमात फेडरेशन हमेशा से समाजी ख़िदमात, इंसानी हमदर्दी और आपसी इत्तेहाद के पैग़ाम को अहमियत देती आई है। इस तक़रीब के ज़रिए भी यही कोशिश की गई कि मुख़्तलिफ़ मज़हबों और तबक़ात के दरमियान मोहब्बत और यकजहती को मज़ीद मज़बूत किया जाए, ताकि मुल्क में अमन, भाईचारा और बाहमी एतमाद की फ़िज़ा
क़ायम रहे।

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