मीरा रोड, मुंबई : मीरा रोड स्थित घांची हॉल में रविवार, 6 सितंबर 2026 को ‘इंटरनेशनल मुशायरा/आलमी मुशायरा’ बेहद शानदार, पुरकशिश और अदबी अंदाज़ में मुनअक़िद हुआ। शाम 7 बजे शुरू हुई इस यादगार महफ़िल में उर्दू ज़बान, शायरी और अदब के शौक़ीन बड़ी तादाद में शरीक हुए। शायरों के दिलकश कलाम, पुरअसर अशआर और उम्दा शायरी ने देर रात तक सामईन को बांधे रखा और पूरा घांची हॉल ‘वाह-वाह’ और ‘दाद’ की सदाओं से गूंजता रहा।
कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक और अदबी हस्तियों की मौजूदगी रही। पूर्व एमएलसी एवं सरपरस्त सैयद मुज़फ़्फ़र हुसैन साहब तथा मीरा-भायंदर महानगरपालिका की विपक्षी नेता सैयद आफ़रीन हुसैन कुछ ज़रूरी मसरूफ़ियात के कारण कार्यक्रम में शिरकत नहीं कर सके। उनकी गैर-मौजूदगी के बावजूद आयोजकों और सामईन की जानिब से उनके लिए नेक जज़्बात का इज़हार किया गया।
कौम के हमदर्द विधायक साजिद खान पठान की ख़ास शिरकत
मुशायरे की सबसे ख़ास और क़ाबिले-ज़िक्र बात विधायक साजिद खान पठान की शिरकत रही। महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मायनॉरिटी विभाग के अध्यक्ष एवं विधायक साजिद खान पठान ने अपनी बेहद मसरूफ़ सियासी और समाजी सरगर्मियों के बावजूद अपना क़ीमती वक़्त निकालकर इस अदबी महफ़िल में बतौर चीफ़ गेस्ट शिरकत की।
उनकी आमद पर आयोजकों और मौजूद सामाजिक कार्यकर्ताओं की फैजुल्लाह शेख ने उनका पुरख़ुलूस शाल और मुवहमेंट इस्तक़बाल और शानदार सत्कार किया गया। इस मौक़े पर विधायक साजिद खान पठान को गुलदस्ता पेश कर और सम्मान के साथ उनका इस्तक़बाल किया गया। उनके सम्मान में मौजूद लोगों ने गर्मजोशी का इज़हार किया।
विधायक साजिद खान पठान ने मुशायरे में मौजूद शायरों, आयोजकों और सामईन की हौसला-अफ़ज़ाई की। उन्होंने अदब और शायरी की ऐसी महफ़िलों को समाज में अमन, मोहब्बत और भाईचारे को बढ़ावा देने वाला अहम ज़रिया बताया।
उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद विदर्भ वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं से भी ख़ास तौर पर मुलाक़ात की। विदर्भ से जुड़े साथियों ने भी विधायक साजिद खान पठान का गर्मजोशी से इस्तक़बाल किया। उनकी यह शिरकत सामईन के लिए भी ख़ुशी और हौसले का सबब बनी।
फ़ैज़ुल्लाह शेख की मेहनत और मेहमाननवाज़ी क़ाबिले-तारीफ़
इस शानदार आलमी मुशायरे के आयोजन में फ़ैज़ुल्लाह शेख का अहम और क़ाबिले-तारीफ़ किरदार रहा। उन्होंने जिस ख़ुलूस, मोहब्बत और बेहतरीन इंतज़ाम के साथ मेहमानों, शायरों, समाजसेवकों और अदब-दोस्तों का इस्तक़बाल किया, उसकी मौजूद लोगों ने ख़ूब तारीफ़ की।
फ़ैज़ुल्लाह शेख की दावत पर मुंबई, मीरा रोड और विदर्भ से बड़ी तादाद में सामाजिक कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों और जानी-पहचानी शख़्सियतों ने मुशायरे में शिरकत की। उनकी मेहमाननवाज़ी और मिलनसार रवैये ने इस अदबी शाम को और भी पुरकशिश बना दिया।
मौजूद लोगों का कहना था कि फ़ैज़ुल्लाह शेख ने सिर्फ़ एक मुशायरे का आयोजन नहीं किया, बल्कि अदब, समाज और अलग-अलग इलाक़ों से जुड़े लोगों को एक जगह जमा करके मुलाक़ात, मोहब्बत और भाईचारे का ख़ूबसूरत मौक़ा फ़राहम किया।
विदर्भ वेलफेयर एसोसिएशन के साथियों की ख़ास मौजूदगी
आलमी मुशायरे में विदर्भ वेलफेयर एसोसिएशन, मुंबई से जुड़े पदाधिकारियों और समाजसेवकों की भी ख़ास मौजूदगी रही। इनमें मुंबई जनरल सेक्रेटरी सैयद नासिर अली सर, कलिम जिया सर, अब्दुल रहमान साहब, कबीर शेख साहब, नियामत खान पटेल साहब, साक़िब सर, एडिटर जफ़र सिद्दीकी, फ़ज़ल सौदागर, आरिफ़ शेख, ग़ालिब जमादार सहित बड़ी तादाद में पदाधिकारी और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल रहे।
तमाम साथियों ने फ़ैज़ुल्लाह शेख की दावत पर ‘लब्बैक’ कहते हुए कार्यक्रम में शिरकत की। इस दौरान आपसी मुलाक़ात, ख़ैरियत-दरियाफ़्त और ख़ुशगवार गुफ़्तगू का सिलसिला भी जारी रहा। विदर्भ और मुंबई से जुड़े सामाजिक साथियों की एक साथ मौजूदगी ने कार्यक्रम को और भी ख़ास बना दिया।
दिलकश कलाम से शायरों ने बांधा समां
आलमी मुशायरे में शायरों ने अपने दिलकश कलाम और पुरअसर अशआर पेश कर सामईन को ख़ूब मुतास्सिर किया। बेहतरीन अशआर पर सामईन ने ‘वाह-वाह’ और ‘दाद’ देकर शायरों की हौसला-अफ़ज़ाई की। कई मौक़ों पर घांची हॉल तालियों और दाद की सदाओं से गूंज उठा।
शायरों ने अपनी शायरी के ज़रिए अमन, मोहब्बत, इंसानियत, भाईचारे और इत्तेहाद का पैग़ाम आम किया। उनके कलाम में समाज को जोड़ने, आपसी मोहब्बत बढ़ाने और इंसानी रिश्तों को मज़बूत करने की ख़ूबसूरत फ़िक्र नज़र आई।
उर्दू अदब और गंगा-जमुनी तहज़ीब को फ़रोग़
आयोजक डॉ. अली फ़ाज़िल की जानिब से मुनअक़िद इस आलमी मुशायरे ने मीरा रोड में उर्दू अदब और शायरी के शौक़ीनों के लिए एक शानदार अदबी मंच फ़राहम किया।
मुशायरे की सदारत डॉ. मुख़्तार शेख ने की, जबकि डॉ. अली फ़ाज़िल ने कन्वीनर की ज़िम्मेदारी निभाई। फ़ैज़ुल्लाह शेख समेत तमाम मेहमानों और आयोजकों की मौजूदगी से महफ़िल की रौनक़ में और इज़ाफ़ा हुआ।
मौजूद अदब-दोस्तों ने कहा कि इस तरह की अदबी महफ़िलें उर्दू ज़बान और शायरी को फ़रोग़ देने के साथ-साथ मुल्क की गंगा-जमुनी तहज़ीब, अमन, मोहब्बत और भाईचारे को भी मज़बूत करती हैं।
आख़िर में आयोजकों की जानिब से तमाम शायरों, मेहमानों, सामईन, सामाजिक कार्यकर्ताओं और सहयोगियों का शुक्रिया अदा किया गया।
मीरा रोड की यह ख़ूबसूरत अदबी शाम सिर्फ़ शायरी और अशआर तक महदूद नहीं रही, बल्कि मोहब्बत, इंसानियत, अमन, भाईचारे और आपसी इत्तेहाद का पैग़ाम देती हुई एक यादगार महफ़िल बन गई। विधायक साजिद खान पठान की ख़ास शिरकत, फ़ैज़ुल्लाह शेख की मेहमाननवाज़ी और विदर्भ वेलफेयर एसोसिएशन के साथियों की मौजूदगी ने इस महफ़िल को और भी यादगार बना दिया।

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