महाराष्ट्र में विधायक सिर्फ 288, फिर 'MLA' स्टिकर लगी हजारों गाड़ियां किसकी?
Tabish
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मुंबई: महाराष्ट्र विधानसभा में निर्वाचित विधायकों की संख्या महज 288 है, लेकिन राज्यभर की सड़कों पर 'MLA', 'Government of Maharashtra', 'On Duty' और अन्य वीआईपी पहचान वाले स्टिकर लगी गाड़ियां बड़ी संख्या में दिखाई देती हैं। यह स्थिति अब आम जनता के साथ-साथ प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में भी चर्चा का विषय बन गई है।मुंबई, ठाणे, पुणे, नासिक, नागपुर, कल्याण-डोंबिवली, उल्हासनगर सहित कई शहरों में ऐसे वाहन आसानी से देखे जा सकते हैं। ऐसे में बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब पूरे राज्य में केवल 288 विधायक हैं, तो इतनी बड़ी संख्या में 'MLA' स्टिकर लगी गाड़ियों का इस्तेमाल आखिर कौन कर रहा है? क्या ये सभी वाहन वास्तव में जनप्रतिनिधियों के हैं, या फिर कुछ लोग प्रभाव जमाने और विशेष सुविधा प्राप्त करने के उद्देश्य से इनका अनधिकृत उपयोग कर रहे हैं?कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी सरकारी पद या जनप्रतिनिधि की पहचान दर्शाने वाले स्टिकर, प्रतीक या चिह्न का उपयोग केवल नियमों के अनुरूप ही किया जाना चाहिए। यदि कोई व्यक्ति बिना अधिकार ऐसे स्टिकरों का इस्तेमाल करता है, तो संबंधित विभाग उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई कर सकता है।पुलिस और परिवहन विभाग समय-समय पर अनधिकृत वीआईपी स्टिकर, हूटर, फ्लैशर लाइट और अन्य अवैध पहचान चिह्नों के खिलाफ अभियान चलाते रहे हैं। इसके बावजूद ऐसे वाहनों की मौजूदगी लगातार सवाल खड़े कर रही है।सामाजिक कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने मांग की है कि राज्यभर में विशेष अभियान चलाकर 'MLA', 'Government of Maharashtra', 'On Duty' सहित सभी वीआईपी स्टिकर लगे वाहनों की जांच की जाए। यदि कोई वाहन नियमों का उल्लंघन करते हुए पाया जाता है तो उसके विरुद्ध बिना किसी भेदभाव के सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।सोशल मीडिया पर भी यह मुद्दा तेजी से वायरल हो रहा है। एक व्यंग्यात्मक पोस्ट में लिखा गया— "महाराष्ट्र में विधायक 288, लेकिन 'MLA' स्टिकर वाली गाड़ियां हजारों... लगता है अब हर घर विधायक योजना शुरू हो गई है!"हालांकि, सोशल मीडिया पर प्रसारित 'MLA' स्टिकर लगी गाड़ियों की संख्या संबंधी दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन अनधिकृत वीआईपी स्टिकरों के इस्तेमाल का मुद्दा लंबे समय से सार्वजनिक चिंता का विषय बना हुआ है। नागरिकों का कहना है कि कानून सबके लिए समान है और उसका पालन भी बिना किसी अपवाद के सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
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