महाराष्ट्र सरकार ने शुक्रवार को मंत्रियों को प्रिंटेड अख़बार और मैगज़ीन की सप्लाई बंद करने के अपने फ़ैसले में बदलाव किया। अब डिप्टी सीएम, मंत्री और राज्य मंत्री फ़िज़िकल और ऑनलाइन सब्सक्रिप्शन में से कोई एक चुन सकते हैं।
जनरल एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट (GAD) ने यह साफ़ जानकारी 30 जुलाई के सरकारी आदेश (GR) के एक दिन बाद दी। उस आदेश में कहा गया था कि 1 सितंबर से मंत्रियों को ऑनलाइन सब्सक्रिप्शन पर निर्भर रहना होगा और इसका खर्च उनके संबंधित प्रशासनिक विभाग उठाएंगे।
बदले हुए आदेश के अनुसार, मंत्री अब अपनी सुविधा के हिसाब से ऑनलाइन या प्रिंटेड सब्सक्रिप्शन के ज़रिए अख़बार और मैगज़ीन ले सकते हैं। इस बदलाव से गुरुवार के सरकारी आदेश (GR) का पैराग्राफ 3 बदल गया है, जिससे मंत्रियों के ऑफ़िस और सरकारी आवास पर फ़िज़िकल कॉपी पाने का विकल्प फिर से मिल गया है। 30 जुलाई के आदेश में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के लिए एक अलग प्रावधान किया गया था, जिसके तहत उनके कार्यालय और सरकारी आवास पर छपे हुए समाचार-पत्रों और पत्रिकाओं की आपूर्ति जारी रखने की अनुमति दी गई थी और इसका खर्च GAD द्वारा उठाया जाना था।
GAD के एक अधिकारी के अनुसार, सरकार समाचार-पत्रों और पत्रिकाओं पर सालाना लगभग 22 लाख रुपये खर्च करती है। इसमें से मुख्यमंत्री कार्यालय का खर्च हर महीने लगभग 12,000 से 15,000 रुपये होता है

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