मुंबई:अंधेरी पश्चिम के जुहू गल्ली इलाके में प्रस्तावित 101 एकड़ की समूह झोपड़पट्टी पुनर्विकास योजना (Cluster Slum Redevelopment Scheme) विवादों में घिरती नजर आ रही है। इस योजना के दायरे में आने वाले क्षेत्र में प्रसिद्ध डेवलपर मोहित कंबोज की कंपनी द्वारा खरीदी गई इमारतों को शामिल किए जाने के बाद, इस प्रोजेक्ट से मिलने वाले संभावित आर्थिक फायदों पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। विशेष बात यह है कि मोहित कंबोज की कंपनी 'एस्पेक्ट रियल्टी' (Aspect Realty) की रिलायंस फोर आईवीआरसीएल (Reliance Four IVRCL) के साथ साझेदारी होने की बात सामने आ रही है।
4 FSI मिलने का रास्ता साफ
इस क्लस्टर पुनर्विकास योजना के कारण मोहित कंबोज की कंपनी के मालिकाना हक वाली इमारतों को 2.7 के बजाय सीधे 4 का चटाईक्षेत्र निर्देशांक (FSI - Floor Space Index) मिलने का रास्ता साफ हो गया है। अगर इन निजी इमारतों का स्वतंत्र रूप से पुनर्विकास किया जाता, तो उन्हें केवल 2.7 FSI ही मिल पाता। विकास नियंत्रण नियमावली (DCR) की धारा 33(11) के तहत इन इमारतों को 4 FSI मिलना संभव हुआ है। हालांकि, इसके लिए स्थायी रूप से वैकल्पिक ट्रांजिट कैंप (संक्रमण सदनिका) उपलब्ध कराना अनिवार्य होता है। अब इस योजना के माध्यम से ही इन घरों की व्यवस्था होने की संभावना है, जिससे इन इमारतों के विकास का रास्ता और आसान हो गया है।
13 हजार से अधिक झोपड़ीधारकों का भविष्य दांव पर
यह विशाल समूह पुनर्विकास योजना अंधेरी पश्चिम के गिल्बर्ट हिल, नवरंग सिनेमा से लेकर अंधेरी रेलवे स्टेशन के सामने स्वामी विवेकानंद मार्ग तक के विस्तृत प

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