शनिवार को वह अस्पताल के एक शौचालय में बेहोश पाए गए थे, जिसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना का खुलासा कैसे हुआ?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, डॉ. शिवशरण पाटिल जब काफी देर तक शौचालय से बाहर नहीं आए, तो उनके साथी डॉक्टरों को चिंता हुई। उन्होंने दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद सुरक्षाकर्मियों की मदद से दरवाजा तोड़ा गया, तो डॉ. पाटिल अंदर जमीन पर बेहोश पड़े मिले। उन्हें तुरंत आपातकालीन उपचार के लिए ले जाया गया, लेकिन तब तक उनकी जान जा चुकी थी।
एनेस्थीसिया के ओवरडोज़ का संदेह
मूल रूप से कर्नाटक के रहने वाले डॉ. शिवशरण पाटिल की मौत के सटीक कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। हालांकि, पुलिस को प्राथमिक जांच में संदेह है कि उन्होंने इंजेक्शन के माध्यम से बेहोशी की दवा (एनेस्थीसिया) ली थी, जिसके ओवरडोज़ के कारण उनकी मौत हुई होगी।
पुलिस की कार्रवाई
घटनास्थल या शव के पास से पुलिस को कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। सायन पुलिस स्टेशन में फिलहाल आकस्मिक मृत्यु (ADR) का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अस्पताल के स्टाफ से पूछताछ कर रही है और मामले की गहराई से जांच की जा रही है।

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