मुंबई:मुंबई पुलिस ने शहर में शांति और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका और मानव जीवन व संपत्ति की सुरक्षा को देखते हुए पूरे मुंबई शहर में निषेधाज्ञा (Prohibitory Orders) लागू कर दी गई है। यह आदेश 11 अक्टूबर 2026 की रात 00:01 बजे से शुरू होकर 25 अक्टूबर 2026 की रात 24:00 बजे तक (कुल 15 दिनों के लिए) प्रभावी रहेगा।
यह आदेश बृहन्मुंबई के पुलिस उपायुक्त (अभियान) अकबर पठान द्वारा महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम, 1951 की धारा 10 की उपधारा (2) के तहत जारी किया गया है।
इन चीजों पर रहेगा सख्त प्रतिबंध:
• 5 या अधिक लोगों का जमावड़ा: किसी भी सार्वजनिक स्थान पर पांच या उससे अधिक व्यक्तियों के गैर-कानूनी रूप से इकट्ठा होने पर पूरी तरह रोक रहेगी।
• लाउडस्पीकर और पटाखे: किसी भी जुलूस या सभा में लाउडस्पीकर, आवाज बढ़ाने वाले उपकरणों (Amplifiers), म्यूजिकल बैंड और पटाखे फोड़ने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।
• हथियार और लाठियां: किसी भी तरह के हथियार, लाठी, तलवार या ऐसी वस्तुएं लेकर चलने की अनुमति नहीं होगी जिससे सार्वजनिक शांति भंग हो सके।
इन कार्यों को दी गई है छूट:
आम जनता की सुविधा के लिए इस आदेश में कुछ महत्वपूर्ण छूट भी दी गई हैं, बशर्ते उनसे शांति व्यवस्था को कोई खतरा न हो:
• विवाह समारोह और शादियों के जुलूस।
• अंतिम संस्कार और श्मशान/कब्रिस्तान की यात्राएं।
• कंपनियों, क्लबों, सहकारी समितियों और अन्य संगठनों की वैधानिक और नियमित व्यावसायिक बैठकें।
• सिनेमाघरों, थिएटरों या सार्वजनिक मनोरंजन के स्थानों पर फिल्में, नाटक या कार्यक्रम देखने के लिए जुटने वाली भीड़।
• सरकारी या अर्ध-सरकारी काम के लिए अदालतों और सरकारी कार्यालयों में लोगों का इकट्ठा होना।
• स्कूलों, कॉलेजों और शैक्षणिक संस्थानों में सामान्य शैक्षणिक गतिविधियां या बैठकें।
• कारखानों, दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में सामान्य व्यापार और काम-काज।
• ऐसी कोई भी सभा या जुलूस जिसे पुलिस उपायुक्त या सक्षम पुलिस प्राधिकारियों द्वारा विशेष रूप से अनुमति दी गई हो।
उल्लंघन करने पर होगी सख्त कार्रवाई:
पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि इस आदेश का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आदेश की अवधि समाप्त होने के बाद भी उल्लंघनकर्ताओं के खिलाफ जांच और अदालती कार्रवाई जारी रखी जा सकती है। शहर भर में इस आदेश की जानकारी लाउडस्पीकर, मेगाफोन और स्थानीय मीडिया के माध्यम से दी जा रही है।

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