मुंबई में पहली बार अकीदत और एहतराम के साथ मनाया गया उर्स-ए-शाह सक़लैन।
पीर-ए-तरीक़त ग़ाज़ी मियां सक़लैनी की सरपरस्ती में सजी रूहानी महफ़िल, उलमा-ए-किराम और नातख़्वानों ने पेश किया नज़राना-ए-अक़ीदत।
संवाददाता शोएब म्यानुंर मुंबई
मुंबई: मुंबई में 20 अक्टूबर 2026 को हज़रत शाह सक़लैन मियां हुज़ूर रहमतुल्लाह अलैह का उर्स मुबारक बड़े जोशो-ख़रोश, अकीदत और एहतराम के साथ मनाया गया। मुंबई में पहली बार आयोजित इस रूहानी महफ़िल में बड़ी तादाद में अकीदतमंदों ने शिरकत की और अपने पीरो-मुर्शिद को ख़िराज-ए-अक़ीदत पेश किया।
इस मुबारक मौके पर ख़ानक़ाह-ए-सक़लैनिया शराफ़तिया, सिलसिला-ए-मुजद्दीदी नक़्शबंदी के आस्ताना-ए-शाह सक़लैन व शराफ़त अली मियां के सज्जादानशीन, हज़रत पीर-ए-तरीक़त ग़ाज़ी मियां सक़लैनी मद्दज़िल्लहुल आली ने मुंबई तशरीफ़ लाकर महफ़िल की सरपरस्ती फ़रमाई। उनकी सरपरस्ती में आयोजित इस उर्स के दौरान पूरी फ़िज़ा रूहानियत, मोहब्बत और अकीदत से सराबोर नज़र आई।
महफ़िल में मशहूर नातख़्वान हसीब रौनक सक़लैनी और हाफ़िज़ आमिल सक़लैनी ने अपने पुर-असर अंदाज़ में नात शरीफ़ पेश की। वहीं, दीगर उलमा-ए-किराम ने भी अपने रूहानी और इस्लाही बयानात के ज़रिए लोगों को दीन, अख़लाक़, मोहब्बत और इंसानियत का पैग़ाम दिया। नात-ओ-मनक़बत और तक़रीरों के दौरान अकीदतमंदों ने पूरे एहतराम के साथ शिरकत की।
इस उर्स में मुंबई और उसके आस-पास के इलाक़ों के अलावा दूर-दराज़ के शहरों से भी बड़ी तादाद में लोग तशरीफ़ लाए। गुजरात के सुरत, जेतपुर, महाराष्ट्र के मालेगांव, पुणे और उत्तर प्रदेश के बरेली, काशीपूर, मुरादाबाद समेत मुख़्तलिफ़ शहरों से आए अकीदतमंदों ने 20 अक्टूबर को अपने पीरो-मुर्शिद हज़रत शाह सक़लैन मियां हुज़ूर के उर्स में शिरकत कर अपनी अकीदत का इज़हार किया।

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