मुंबई: शहर के कई इलाकों में इन दिनों नए-नए लग्जरी स्पा सेंटर तेजी से खुलते दिखाई दे रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि कुछ जगहों पर एक ही बिल्डिंग में तीन-चार स्पा सेंटर तक संचालित होने की चर्चा है, जबकि कुछ सेंटर एक-दूसरे से महज थोड़ी दूरी पर ही शुरू हो रहे हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ स्पा सेंटरों की आड़ में कथित तौर पर 'एक्स्ट्रा सर्विस' जैसी अवैध गतिविधियां भी चल रही हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जांच के बाद ही हो सकती है। सवाल यह है कि अगर सब कुछ नियमों के मुताबिक है, तो इतनी तेजी से एक ही इलाके में इतने स्पा सेंटर क्यों खुल रहे हैं?
हर दिन नया लग्जरी स्पा, निगरानी पर सवाल
मुंबई में पहले जहां स्पा सेंटर चुनिंदा इलाकों तक सीमित थे, वहीं अब छोटी-छोटी दूरी पर नए और महंगे स्पा सेंटर खुलते नजर आ रहे हैं। चमकदार बोर्ड, लग्जरी इंटीरियर और आकर्षक प्रचार के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि इन सेंटरों के लाइसेंस, कर्मचारियों का सत्यापन, फायर सेफ्टी, स्वास्थ्य विभाग की अनुमति और अन्य जरूरी नियमों की नियमित जांच हो रही है या नहीं।
एक बिल्डिंग में चार स्पा—आखिर जांच कौन करेगा?
एक ही इमारत में कई स्पा सेंटरों का संचालन होने की स्थिति में स्थानीय प्रशासन और पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े होते हैं। यदि किसी सेंटर में नियमों का उल्लंघन हो रहा है तो जिम्मेदारी तय करने के साथ-साथ यह भी जांच का विषय है कि संबंधित विभागों से आवश्यक अनुमति किस आधार पर मिली।
'स्पा' की आड़ में गलत धंधा तो नहीं?
शहरवासियों की मांग है कि जहां भी अवैध गतिविधियों की शिकायतें सामने आ रही हैं, वहां पुलिस, बीएमसी, स्वास्थ्य विभाग, फायर विभाग और संबंधित लाइसेंसिंग एजेंसियां संयुक्त निरीक्षण करें। दोषी पाए जाने पर कानून के मुताबिक कड़ी कार्रवाई हो और वैध रूप से चल रहे स्पा सेंटरों को बेवजह परेशान न किया जाए।
अब बड़ा सवाल यही है—मुंबई में स्पा सेंटरों की संख्या इतनी तेजी से क्यों बढ़ रही है और क्या संबंधित विभाग इन सेंटरों की नियमित जांच कर रहे हैं? यदि शिकायतों में सच्चाई है, तो केवल छापेमारी के बाद कार्रवाई करने के बजाय उन सेंटरों की अनुमति और संचालन की पूरी प्रक्रिया की भी जांच जरूरी है।

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