मुंबई:“सिर्फ हंगामा खड़ा करना मेरा मक़सद नहीं, मेरी कोशिश है कि ये सूरत बदलनी चाहिए।” दुष्यंत कुमार की इन पंक्तियों के साथ जन संकल्प निर्माण संस्था ने मुंबई के मालाड मालवणी (गेट नंबर 7) स्थित मुंबई पब्लिक स्कूल की बेहद चौंकाने वाली और जर्जर स्थिति को उजागर किया है। संस्था के हालिया दौरे में स्कूल के भीतर जो जमीनी हकीकत सामने आई है, उसने बीएमसी (BMC) शिक्षा विभाग और प्रशासन के दावों की पोल खोल कर रख दी है।
करीब 4,200 छात्रों के भविष्य से जुड़े इस सरकारी स्कूल में बच्चे बुनियादी सुविधाओं के लिए भी तरस रहे हैं। संस्था ने बच्चों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और शिक्षा के अधिकार को लेकर मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री और बीएमसी कमिश्नर से तुरंत कड़े कदम उठाने की अपील की है।
स्कूल की बदहाली के 9 मुख्य बिंदु:
1. जर्जर और असुरक्षित इमारत: स्कूल की दीवारों और खंभों (pillars) में बड़ी-बड़ी दरारें आ चुकी हैं। इमारत की हालत इतनी खराब है कि यहाँ कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
2. टूटी खिड़कियां और मौसम की मार: कक्षाओं की खिड़कियों के फ्रेम और कांच गायब हैं। धूप सीधे बच्चों पर आती है और बारिश का पानी सीधे क्लास के अंदर घुस जाता है। शिक्षकों ने अस्थायी उपाय के रूप में प्लास्टिक की थैलियां और शीट लगा रखी हैं।
3. पीने के पानी का गंभीर संकट: बीएमसी की पाइपलाइन होने के बावजूद स्कूल में पानी की नियमित आपूर्ति नहीं है। स्कूल टैंकरों के भरोसे चल रहा है। पानी चढ़ाने के लिए 5 HP के मोटर पंप की जरूरत है, लेकिन प्रशासन ने सिर्फ 2 HP का पंप लगा रखा है, जो नाकाफी है।
4. छात्राओं के लिए स्वच्छता का अभाव: स्कूल की 10वीं कक्षा की छात्राओं

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