मुंबई:मुंबई पुलिस की दक्षिण साइबर पुलिस स्टेशन (कुकप्राकट) टीम ने ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग के नाम पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में नागपुर से 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस बड़ी कार्रवाई से मुंबई के 6 और देश भर के कुल 76 अलग-अलग साइबर अपराध के मामलों को सुलझाने में बड़ी सफलता मिली है।
शिकायतकर्ता महिला (मीरा अयार) और उनके साथियों को 'Share Trading Investment' के जरिए बहुत अधिक मुनाफे का झांसा दिया गया था। जालसाजों ने अलग-अलग बैंक खातों में उनसे कुल 58,72,490 रुपये जमा करवाकर बड़ी धोखाधड़ी की। पीड़िता की शिकायत के बाद दक्षिण साइबर पुलिस स्टेशन, मुंबई में धारा 318(4), 319(2), 338, 340, 61(2) भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की धारा 66(सी) व 66(डी) के तहत मामला दर्ज किया गया था।
पुलिस जांच के दौरान तकनीकी विश्लेषण (Technical Analysis) और नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) से मिली जानकारी के आधार पर पता चला कि ठगी गई रकम में से 24,75,000 रुपये सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (जरीपटका शाखा, नागपुर) में स्थित 'ज़ेन गार्डन डिलाइट्स प्रा. लि.' नाम की कंपनी के चालू खाते (Current Account) में ट्रांसफर किए गए थे।
इस फर्जी कंपनी को आरोपी अमित दिलीपराव काले और रितिक शैलेश धारणगावे ने मिलकर बनाया था, जिसके लिए उन्होंने फर्जी रेंट एग्रीमेंट (किरायानामा) का इस्तेमाल किया था। गिरोह का मुख्य सूत्रधार अनिरुद्ध सतीश उके है। इन लोगों ने धोखाधड़ी के पैसों को ऑनलाइन ट्रांसफर करने के लिए POCO C75 5G (Xiaomi) मोबाइल का इस्तेमाल किया था।
1. अमित दिलीपराव काले (उम्र 24 वर्ष) – निवासी: वाठोड़ा, नागपुर।
2. रितिक शैलेश धारणगावे (उम्र 25 वर्ष) – निवासी: जरीपटका, नागपुर।
3. अनिरुद्ध सतीश उके (उम्र 30 वर्ष) – निवासी: जरीपटका, नागपुर।
आरोपियों के पास से जब्त सामान
पुलिस ने आरोपियों के पास से धोखाधड़ी में इस्तेमाल की जाने वाली सामग्री जब्त की है:
• 11 अलग-अलग बैंकों के चेकबुक और पासबुक।
• 25 विभिन्न कंपनियों के सिम कार्ड (SIM Cards)।
• 11 फर्जी कंपनियों के रबर स्टैंप और 3 स्टैंप पैड।
• डेबिट/एटीएम कार्ड और क्यूआर कोड (QR Codes)।
• फर्जी कंपनियों के दस्तावेज और पैन कार्ड।
मुंबई पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी अपरिचित या अनजाने नंबरों से आने वाले कॉल्स/मेसेज (जैसे व्हाट्सएप, टेलीग्राम) पर भरोसा न करें। किसी भी अनधिकृत ऐप या अनजाने प्लेटफॉर्म के जरिए शेयर मार्केट में निवेश न करें। यदि आपके साथ कोई साइबर धोखाधड़ी होती है, तो तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें।

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