मुंबई: मुंबई पुलिस ने चिंचपोकली में एक रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट में हाउसिंग सोसाइटी और उसके किराएदारों के साथ 42.96 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में सिद्धि विनायक कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड, उसके तीन डायरेक्टरों, नौ फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन और 13 फ्लैट खरीदारों के खिलाफ FIR दर्ज की है।
FIR के मुताबिक, आरोपियों ने कथित तौर पर रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट में किराएदारों के लिए तय किए गए 33 रिहैबिलिटेशन फ्लैट और तीन रिज़र्व (रेस्क्यू) यूनिट बेच दिए और फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन की मिलीभगत से उन प्रॉपर्टीज़ के बदले 37.80 करोड़ रुपये का लोन ले लिया।
यह शिकायत चिंचपोकली (पूर्व) में दत्ताराम लाड मार्ग पर स्थित श्रीमोटंका टेनेंट्स को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी के सेक्रेटरी, 55 वर्षीय प्रदीप शिवराम सावंत ने दर्ज कराई थी। आरोपियों में सिद्धि विनायक कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड; इसके डायरेक्टर सचिन मधुकर खानोलकर, बिंदिया सचिन खानोलकर और अभिजीत वसंतराव कबीर; विवादित फ्लैट खरीदने वाले 13 लोग; और नौ फाइनेंशियल संस्थान शामिल हैं। इन संस्थानों में DBS बैंक (पहले लक्ष्मी विलास बैंक), एक्सिस बैंक, आधार हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड, फेडरल बैंक, मोगावीरा को-ऑपरेटिव बैंक, LIC हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड, IDFC फर्स्ट बैंक (पहले कैपिटल फर्स्ट बैंक) और एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड शामिल हैं।
पुलिस ने कहा कि कथित रीडेवलपमेंट धोखाधड़ी की आगे की जांच चल रही है।

Loading comments...