मुंबई :मुंबई पुलिस के नॉर्थ साइबर पुलिस स्टेशन ने यह बड़ी कार्रवाई की है। इस शातिर गैंग ने एक 68 वर्षीय बुजुर्ग नागरिक को उनके खिलाफ ₹238 करोड़ के झूठे मनी लॉन्ड्रिंग केस का डर दिखाकर करीब ₹1.12 करोड़ की भारी-भरकम ठगी की थी।पुलिस ने जांच के दौरान आरोपियों के पास से निम्नलिखित चीजें जब्त की हैं:20 मोबाइल फोन2 लैपटॉप25 बैंक खाते (म्यूल अकाउंट्स)ठगी से जुड़े कई अहम दस्तावेजआईआईटी ग्रेजुएट और बैंक मैनेजर भी शामिलमीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, गिरफ्तार किए गए छह आरोपियों में एक IIT दिल्ली का ग्रेजुएट (वेब डेवलपर) और एक प्राइवेट बैंक का ऑपरेशंस मैनेजर भी शामिल है। ये लोग ठगी की रकम को ठिकाने लगाने के लिए फर्जी सिम कार्ड, बैंक खाते (म्यूल अकाउंट्स) और ओटीपी-सक्षम हैंडसेट की व्यवस्था करने का काम करते थे।⚠️ मुंबई पुलिस की नागरिकों से अपीलपुलिस ने साफ किया है कि भारतीय कानून में 'डिजिटल अरेस्ट' (Digital Arrest) जैसा कोई प्रावधान नहीं है। कोई भी सरकारी एजेंसी या पुलिस अधिकारी व्हाट्सएप, स्काइप या किसी अन्य वीडियो कॉल के जरिए आपको गिरफ्तार या नजरबंद नहीं कर सकता। यदि आपको ऐसा कोई भी संदिग्ध कॉल आता है, तो डरे बिना तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें।
मुंबई पुलिस ने 'डिजिटल अरेस्ट' कर ठगी करने वाले बड़े गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है
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