मूनस्टार ग्लोबल स्कूल में ‘द राइट टर्न’ तलबा रहनुमाई कार्यक्रम का शानदार इख़्तिताम
विदर्भ वेलफेयर एसोसिएशन की मुंब्रा यूनिट और मूनस्टार ग्लोबल स्कूल की मुश्तरका पहल;
तलबा को बेहतर इंतख़ाब, मजबूत किरदार और रोशन मुस्तकबिल के लिए अहम रहनुमाई
(रिपोर्ट : एडिटर जफरसिद्दीकी)
मुंब्रा, 22 सितंबर 2026 :- तलबा को तालीम के साथ सही सिम्त, बेहतर इंतख़ाब, मजबूत किरदार और रोशन मुस्तकबिल के लिए रहनुमाई फराहम करने के मकसद से विदर्भ वेलफेयर एसोसिएशन (VWA) की मुंब्रा यूनिट और मूनस्टार ग्लोबल स्कूल के बाहमी तआवुन से ‘द राइट टर्न’ के उनवान से खास तलबा करियर गाइडेंस और काउंसलिंग कार्यक्रम का इनइक़ाद किया गया।
कार्यक्रम में तलबा को तालीम, करियर, प्रतियोगी इम्तिहानात, शख्सियत की तामीर और मुस्तकबिल के अहम फैसलों के हवाले से मुख़्तलिफ़ पहलुओं पर मुफ़ीद रहनुमाई फराहम की गई। कार्यक्रम का मकसद तलबा को अपनी सलाहियतों और रुजहानात को पहचानने, सही करियर का इंतख़ाब करने और मुस्तकबिल के लिए बेहतर मंसूबाबंदी के साथ आगे बढ़ने का हौसला देना था।
इस मौके पर एडवोकेट फैज़ अहमद, संस्थापक एवं अध्यक्ष, इस्लामिक रिसर्च सेंटर एजुकेशन एंड वेलफेयर ट्रस्ट ने बतौर मुख्य वक्ता तलबा से खिताब किया और उन्हें तालीम व करियर के हवाले से अहम नुक्तों से आगाह किया।
वहीं सी.ए. हीना पावसकर, संचालक, बाशमख एंड कंपनी; सैफुल्लाह खान, उद्योगपति, नवी मुंबई एवं अध्यक्ष, आशियाना-ए-विदर्भ, वीडब्ल्यूए मुंबई; तथा डॉ. नाज़िमुद्दीन क़ाज़ी, अध्यक्ष, विदर्भ वेलफेयर एसोसिएशन मुंबई बतौर मेहमान-ए-खुसूसी मौजूद रहे।
‘मुसलमान तालीम में पीछे नहीं, लेकिन प्रशासनिक खिदमात में नुमाइंदगी बढ़ाने की जरूरत’
कार्यक्रम को खिताब करते हुए नामचीन उद्योगपति सैफुल्लाह खान ने कहा कि आज के दौर में मुस्लिम समाज तालीम के मैदान में पीछे नहीं है, लेकिन कलेक्टर, कमिश्नर, एसपी, आईजी और दूसरी क्लास-वन प्रशासनिक खिदमात में समाज के नौजवानों की नुमाइंदगी बढ़ाने की जरूरत है।
उन्होंने तलबा को मुख़ातिब करते हुए कहा कि सिर्फ डिग्री हासिल कर लेना ही कामयाबी की आखिरी मंजिल नहीं है, बल्कि नौजवानों को अपने लिए बुलंद मक़ासिद तय करने चाहिए और उन्हें हासिल करने के लिए लगातार मेहनत व जद्दोजहद करनी चाहिए।
उन्होंने तलबा को आईएएस, आईपीएस, एमपीएससी और दीगर प्रतियोगी इम्तिहानात की तैयारी की तरफ राग़िब करते हुए कहा कि प्रशासनिक सेवाओं में दाखिले के लिए लगातार मुताला, पाबंदी-ए-वक़्त, अनुशासन, सकारात्मक सोच और वाज़ेह मक़सद बेहद अहम हैं।
सैफुल्लाह खान ने कहा कि नौजवान अपनी सलाहियतों और हुनर को पहचानें और मुल्क व समाज की खिदमत के जज़्बे के साथ उच्च प्रशासनिक सेवाओं में अपनी जगह बनाने की कोशिश करें।
बेहतर करियर के इंतख़ाब और मजबूत किरदार की अहमियत
कार्यक्रम के दौरान तलबा को मुख़्तलिफ़ करियर विकल्पों, अपनी दिलचस्पी और सलाहियत के मुताबिक पेशे के इंतख़ाब, प्रतियोगी इम्तिहानात की तैयारी और शख्सियत की तामीर के बारे में भी मुफ़ीद मालूमात दी गईं।
वक्ताओं ने कहा कि रोशन मुस्तकबिल के लिए सिर्फ अच्छी तालीम ही काफी नहीं, बल्कि सही फैसला, मजबूत किरदार, अच्छे अख़लाक, अनुशासन, सकारात्मक सोच और सही सिम्त का इंतख़ाब भी उतना ही जरूरी है।
तलबा को अपनी सलाहियतों को पहचानकर मंसूबाबंदी के साथ आगे बढ़ने और अपने मुस्तकबिल को बेहतर बनाने की तरफ कदम बढ़ाने की रहनुमाई की गई।
शाहिद खान का भी रहा अहम तआवुन
इस समाजी व तालीमी पहल में शाहिद खान का भी अहम तआवुन रहा। देवलघाट, बुलढाणा से ताल्लुक रखने वाले शाहिद खान लंबे अरसे से विदर्भ वेलफेयर एसोसिएशन से जुड़े हुए हैं और संस्था की समाजी व तालीमी सरगर्मियों में अपना तआवुन पेश करते रहे हैं।
वह संस्था के नियमित दानदाता और कमेटी के सदस्य के तौर पर भी समाजी व तालीमी खिदमात में अपना हिस्सा अदा कर रहे हैं।
कार्यक्रम में तलबा और उनके सरपरस्तों ने भी दिलचस्पी के साथ शिरकत की। आयोजकों के मुताबिक ‘द राइट टर्न’ जैसे प्रोग्राम का मकसद तलबा को सिर्फ करियर की मालूमात फराहम करना नहीं, बल्कि उन्हें जिंदगी के अहम फैसले सोच-समझकर करने, अपनी सलाहियतों को पहचानने और समाज व मुल्क के जिम्मेदार शहरी बनने के लिए तैयार करना है।
‘बेहतर ज़ेहन, नरम दिल और रोशन मुस्तकबिल’ के पैगाम के साथ आयोजित यह प्रोग्राम तलबा की तालीमी, शख्सी और पेशेवर तरक्की की सिम्त में एक अहम कोशिश साबित हुआ।

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