1 लाख 74 हजार के 804 जाली नोट बरामद
ब्यूरो रिपोर्ट, फरियाद अली
यू.पी. श्रावस्ती। जिले में नकली भारतीय मुद्रा छापने और उसकी सप्लाई करने वाले एक अंतर्जनपदीय गिरोह का सोनवा पुलिस और उत्तर प्रदेश एसटीएफ की संयुक्त टीम ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मल्हीपुर रोड स्थित गिरिराज राइस मिल (भिटिया चिचड़ी) में छापेमारी कर नकली नोट छापते हुए 3 आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। मौके से 1 लाख 74 हजार रुपये मूल्य के कुल 804 जाली नोट बरामद किए गए। इसके साथ ही कैनन कलर प्रिंटर, चार भरी हुई इंक रिफिल, बॉन्ड पेपर, कटर ब्लेड, कैंची, स्केल और नोट छापने में इस्तेमाल होने वाली अन्य सामग्री भी बरामद हुई है।
पुलिस के अनुसार, 5 नवंबर को एसटीएफ मुख्यालय लखनऊ और थाना सोनवा पुलिस की संयुक्त टीम को मुखबिर के माध्यम से गिरिराज राइस मिल में नकली नोट छापे जाने की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर टीम ने योजनाबद्ध तरीके से मिल की घेराबंदी कर छापेमारी की। कमरे के अंदर तीनों आरोपी भारतीय मुद्रा के जाली नोट छापते हुए मिले, जिन्हें मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गिरिजा शंकर जायसवाल निवासी शिवनगर, गोंडा रोड, थाना कोतवाली देहात, जनपद बहराइच, नरेन्द्र कुमार चौरसिया निवासी ग्राम लालबोझी, थाना नवीन मॉडर्न तथा वृजेन्द्र गोस्वामी निवासी ग्राम भगवानपुर बनकट, थाना इकौना, जनपद श्रावस्ती के रूप में हुई है।
तलाशी के दौरान पुलिस को 100 रुपये के 525, 200 रुपये के 44 और 500 रुपये के 223 जाली नोट मिले। इस प्रकार कुल 804 नोटों की कीमत 1 लाख 74 हजार रुपये आंकी गई। इसके अलावा दोनों तरफ जाली नोटों की छपाई वाले 156 A4 पेपर, कैनन कलर प्रिंटर मय केबल, चार इंक रिफिल, जेके एक्सेल सुपर व्हाइट बॉन्ड पेपर, 5 पैकेट ब्लेड, 3 कैंची, 2 स्टील स्केल, 5 हजार 500 रुपये नकद, 3 मोबाइल फोन तथा पहचान संबंधी दस्तावेज बरामद किए गए।
पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि जाली नोट छापने के लिए आवश्यक प्रिंटर, इंक, पेपर और अन्य उपकरण तीनों ने मिलकर लखनऊ के लालबाग स्थित कैनन एजेंसी से खरीदे थे। आरोपी वृजेन्द्र गोस्वामी ने मुंबई में जाली नोट छापने के संबंध में जानकारी हासिल करने और यूट्यूब वीडियो देखने की बात बताई। इसके बाद उसने अपने दोनों साथियों के साथ मिलकर नकली नोट तैयार करने का काम शुरू किया। वृजेन्द्र नोटों की छपाई करता था, जबकि गिरिजा शंकर और नरेन्द्र नोटों की कटाई, गड्डियां बनाने और पैकिंग का काम संभालते थे।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने दीपावली के त्योहार के दौरान बाजार में नकली नोट खपाने की योजना बनाई थी। इसके लिए दुकानदारों से सामान और जेवरात खरीदने के बहाने नकली नोट चलाने तथा जुआ खेलने वाले लोगों के बीच इनकी सप्लाई करने की तैयारी थी। पूछताछ में 1 लाख रुपये के असली नोट के बदले 3 लाख रुपये के जाली नोट देने के लिए ग्राहकों को तैयार करने की बात भी सामने आई है। इस अवैध कारोबार से मिलने वाले मुनाफे को तीनों आरोपियों के बीच बराबर बांटने की सहमति बनी थी।
पुलिस ने गिरफ्तारी और बरामदगी की पूरी कार्रवाई भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 105 के प्रावधानों के तहत वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी कराते हुए पूरी की। बरामद जाली नोटों और उपकरणों को नियमानुसार सील कर सुरक्षित किया गया। मामले में थाना सोनवा पर मुकदमा अपराध संख्या 0196/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 3 (5), 318 (2), 180, 181 और 182 में अभियोग दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, गिरिजा शंकर जायसवाल और नरेन्द्र कुमार चौरसिया का आपराधिक इतिहास 0 है, जबकि वृजेन्द्र गोस्वामी के विरुद्ध वर्ष 2020 में थाना इकौना में मारपीट, घर में घुसने और धमकी देने से संबंधित मुकदमा दर्ज है।


Loading comments...