केरल के कन्नूर निवासी आरोपी शमीर टी.पी. (Shameer TP) ने एक लॉजिस्टिक्स कंपनी के अकाउंटेंट और कर्मचारियों को धोखा देने के लिए व्हाट्सएप पर कंपनी के असली मालिक का नाम और प्रोफाइल पिक्चर (DP) का इस्तेमाल किया। आरोपी ने मालिक बनकर कर्मचारियों को जरूरी काम का हवाला दिया और 19 अगस्त से 31 अगस्त, 2026 के बीच कुल 62 लाख रुपये अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करवा लिए।
जब कंपनी के असली मालिक को इस लेनदेन के बारे में पता चला, तो उन्होंने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। नवी मुंबई साइबर पुलिस की टीम ने जब पैसों के लेनदेन (Money Trail) की जांच की, तो पता चला कि ठगी की रकम में से 32 लाख रुपये एक इंडसइंड बैंक (IndusInd Bank) के खाते में जमा किए गए थे। पुलिस ने इस खाते को ट्रैक किया और केरल जाकर 3 अक्टूबर को आरोपी शमीर को धर दबोचा। पुलिस ने विभिन्न खातों में ट्रांसफर किए गए करीब 15 लाख रुपये को फ्रीज भी करवा दिया है।
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी का बैंक खाता केवल इसी एक ठगी तक सीमित नहीं था। उसके बैंक ट्रांजैक्शन की कड़ियों से पता चला है कि वह देश के अलग-अलग राज्यों में दर्ज 6 अन्य साइबर धोखाधड़ी की शिकायतों (जैसे दिल्ली और उत्तर प्रदेश) से भी जुड़ा हुआ है। पुलिस फिलहाल अन्य बैंक खातों और इस सिंडिकेट में शामिल उसके साथियों की जांच कर रही है।

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