पनवेल: सस्ते और झटपट कर्ज का लालच देकर नागरिकों से कथित तौर पर लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पनवेल पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। प्रारंभिक जांच में इस गिरोह द्वारा 50 लाख रुपये से अधिक की ठगी किए जाने की जानकारी सामने आई है।करंजाडे में किराए के फ्लैट से चल रहा था कॉल सेंटर
पुलिस के अनुसार, करंजाडे स्थित नीलगिरी अपार्टमेंट के एक किराए के फ्लैट से कथित तौर पर फर्जी कॉल सेंटर चलाया जा रहा था। पनवेल शहर, कामोठे और साइबर पुलिस की संयुक्त टीम ने छापा मारकर कार्रवाई की।
चार आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान निम्न आरोपियों को गिरफ्तार किया:
विजय बाबू भंडारी – पनवेल
तुषार अरुण पिंगळे – पनवेल
रोहित रंगप्पा गौड़ा – रायचूर, कर्नाटक
दर्शन उमाशंकर – रायचूर, कर्नाटक
लाखों का सामान जब्त
पुलिस ने आरोपियों के पास से करीब ₹2,74,400 नकद सहित बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य सामग्री जब्त की है। जब्त सामान में:
3 लैपटॉप
15 मोबाइल फोन
32 सिम कार्ड
7 डेबिट कार्ड
₹2,74,400 नकद और अन्य सामग्री
शामिल है।
ऐसे देते थे ठगी को अंजाम
पुलिस के मुताबिक, आरोपी सोशल मीडिया, विशेष रूप से फेसबुक पर इंस्टेंट लोन के आकर्षक विज्ञापन डालकर नागरिकों से संपर्क करते थे। इसके बाद लोन मंजूर कराने के नाम पर प्रोसेसिंग फीस, इंश्योरेंस और टैक्स आदि के बहाने पैसे जमा करवाए जाते थे। कथित तौर पर नागरिकों को QR कोड भेजकर भी रकम ट्रांसफर कराई जाती थी।
जांच में इस गिरोह द्वारा अब तक 50 लाख रुपये से अधिक की ठगी किए जाने का प्राथमिक अनुमान सामने आया है। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों तथा संभावित पीड़ितों की जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस की नागरिकों से अपील
सहायक पुलिस आयुक्त मयूर भुजबळ ने नागरिकों से अपील की है कि वे अनजान कॉल, संदिग्ध ऑनलाइन लोन ऑफर और आकर्षक कर्ज योजनाओं के झांसे में न आएं। किसी भी व्यक्ति को लोन दिलाने के नाम पर पहले से फीस, इंश्योरेंस या टैक्स जमा करने के लिए कहा जाए तो पूरी तरह जांच-पड़ताल के बाद ही कोई भुगतान करें।
साथ ही, किराए पर मकान देने वालों से भी पुलिस ने पुलिस सत्यापन (Police Verification) कराने की अपील की है। नियमों का पालन नहीं करने पर मकान मालिकों के खिलाफही कारवाई हो सकती है।

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