पुणे/मुंबई: महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (Maharashtra FDA) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए पुणे के वाडकी स्थित सिप्ला फार्मा एंड लाइफ साइंसेज लिमिटेड (Cipla Pharma & Life Sciences) के गोदाम (C&F) का दवा बिक्री और वितरण लाइसेंस रद्द कर दिया है। यह सख्त आदेश एफडीए कमिश्नर तुकाराम मुंढे के नेतृत्व में गोदाम के निरीक्षण के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं और कमियां पाए जाने के बाद 1 अक्टूबर 2026 को जारी किया गया।
• 'रिएक्टिन प्लस' टैबलेट पर अवैध दावे: डॉक्टरों के पर्चे पर दी जाने वाली शेड्यूल एच (Schedule H) दवा 'रिएक्टिन प्लस' (Reactin Plus) के पैकेजिंग वेष्टन पर भ्रामक और विज्ञापन जैसे दावे पाए गए, जो नियमों के खिलाफ हैं।
• स्टॉक और रिकॉर्ड में अंतर: कंपनी के कंप्यूटर (SAP) रिकॉर्ड और गोदाम में रखे वास्तविक स्टॉक में भारी तफावत मिली।
• अयोग्य साठवणूक और गंदगी: दवाइयों के बॉक्स सीधे फर्श पर रखे हुए थे और वहां धूल जमा थी, जो सुरक्षित भंडारण नियमों का उल्लंघन है।
• अन्य कमियां: एक्सपायर्ड (मुदतबाह्य) दवाओं के लिए अलग से कोई निर्धारित क्षेत्र नहीं था और जरूरी निरीक्षण पुस्तिका (Form 35) भी उपलब्ध नहीं थी।
इससे पहले भी अगस्त महीने में इस गोदाम के खिलाफ कार्रवाई की गई थी, लेकिन बिना पूरी सुनावणी दिए आदेश जारी करने पर बॉम्बे हाई कोर्ट ने आपत्ति जताई थी। इसके बाद FDA ने पुरानी कार्रवाई वापस लेकर नियमों के तहत 4 सितंबर को नया कारण बताओ नोटिस जारी किया, 11 सितंबर को कंपनी का लिखित जवाब लिया और 21 सितंबर को व्यक्तिगत सुनावणी का मौका दिया। पूरी पारदर्शी और कानूनी प्रक्रिया का पालन करने के बाद ही

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