पुणे: पुणे महानगरपालिका (PMC) ने शहर में अवैध निर्माण के खिलाफ एक बहुत ही बड़ा और कड़ा एक्शन लिया है। पुणे के खराडी इलाके (सर्वे नंबर 63, लाइन नंबर 12) में सार्वजनिक खेल के मैदान (Playground) के लिए आरक्षित लगभग 21,000 वर्ग फुट के भूखंड पर अवैध रूप से खड़ी की गई 6 मंजिला आवासीय और व्यावसायिक इमारत को प्रशासन ने पूरी तरह से ढहाकर जमींदोज कर दिया है।
इस बड़ी कार्रवाई से जुड़ी पूरी विस्तृत रिपोर्ट नीचे दी गई है:
3 बार की कार्रवाई के बाद भी बिल्डरों ने फिर खड़ी कर दी थी इमारत
रिपोर्ट के अनुसार, इस खाली पड़े आरक्षित भूखंड पर दो विकासकों (बिल्डरों) ने महानगरपालिका की किसी भी अनुमति के बिना धड़ल्ले से अवैध निर्माण शुरू कर दिया था। जब यह काम शुरुआती प्लिंथ (नींव) के स्तर पर था, तब स्थानीय नागरिकों की शिकायत पर PMC के निर्माण विभाग ने 3 बार अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई कर काम को रोका और नोटिस जारी किए थे। लेकिन अधिकारियों की चेतावनियों को ठेंगा दिखाते हुए बिल्डरों ने बार-बार चोरी-छिपे काम दोबारा शुरू किया और अंततः वहां 6 मंजिला ढांचा खड़ा कर दिया।
नागरिकों के विरोध के बाद चला बुलडोजर
जब यह इमारत पूरी तरह बनकर तैयार हो गई, तो इलाके के लोगों ने सार्वजनिक सुविधा की जमीन हड़पने के विरोध में फिर से पुणे महापालिका प्रशासन के सामने कड़ा ऐतराज जताया। इसके बाद प्रशासन हरकत में आया और भारी पुलिस बल तथा बुलडोजर और आधुनिक पोकलेन मशीनों के साथ लगातार 3 दिनों तक अभियान चलाकर इस पूरी संरचना को मलबे में तब्दील कर दिया गया।
बिल्डरों पर दर्ज होगा क्रिमिनल केस, अधिकारियों की भी होगी जांच
PMC के निर्माण विभाग के अधिकारियों ने साफ किया है कि इस गंभीर उल्लंघन के लिए जिम्मेदार दोनों विकासकों के खिलाफ फौजदारी (क्रिमिनल) मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है। इसके साथ ही, इमारत को गिराने में जितना भी प्रशासनिक खर्च आया है, वह पूरा पैसा भी नियमानुसार उन्हीं बिल्डरों से वसूला जाएगा।
इस मामले में शहर के मुख्य अभियंता ने यह भी स्पष्ट किया है कि जब यह अवैध निर्माण चल रहा था, तब संबंधित बीट अधिकारी और सुपरवाइजर क्या कर रहे थे? 6 मंजिल की इमारत बनने तक किसी ने इसे क्यों नहीं रोका, इस लापरवाही की भी आंतरिक जांच (Inquiry) के आदेश दे दिए गए हैं और दोषी अधिकारियों को शो-कॉज नोटिस जारी किए जा सकते हैं।

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