मुंबई: शालीमार सुपरफास्ट एक्सप्रेस से इमरजेंसी कॉल मिलने के बाद अमलनेर हेल्थ यूनिट की रेलवे मेडिकल टीम ने तुरंत कार्रवाई की और एक माँ और उसके नवजात बच्चे की जान बचाई। जैसे ही ट्रेन अमलनेर स्टेशन पहुँची, डॉक्टरों ने गर्भवती यात्री की जाँच की और रास्ते के स्टेशन पर ही सुरक्षित डिलीवरी कराई। अस्पताल ले जाने से पहले यह पक्का किया गया कि माँ और बच्चा दोनों ठीक हैं।
झारखंड के देवघर ज़िले की रहने वाली 25 साल की यात्री आशा कुमारी राय सुरेंद्रनगर से टाटानगर जा रही थीं, तभी उन्हें लेबर पेन (प्रसव पीड़ा) शुरू हुआ। ट्रेन के सफ़र के दौरान ही इमरजेंसी मैसेज मिला। मेडिकल टीम सुबह करीब 5:20 बजे स्टेशन पहुँची और पाया कि वह लेबर के दूसरे स्टेज में थीं। एक स्वस्थ लड़के का सुरक्षित जन्म हुआ। टीम ने डिलीवरी के बाद की प्रक्रियाएँ भी पूरी कीं, जिसमें गर्भनाल (अम्बिलिकल कॉर्ड) को क्लैंप करना और काटना, और बिना किसी परेशानी के प्लेसेंटा का बाहर आना सुनिश्चित करना शामिल था।
मुंबई डिवीज़न के तहत अमलनेर हेल्थ यूनिट की मेडिकल टीम की मदद से डॉ. विवेक अहीरे ने डिलीवरी कराई। शुरुआती इलाज और स्थिति स्थिर होने के बाद, माँ और नवजात बच्चे दोनों को आगे के इलाज के लिए अमलनेर के रूरल हॉस्पिटल में भेजा गया। यह घटना ट्रेन यात्रा के दौरान इमरजेंसी की स्थिति से निपटने के लिए रेलवे की मेडिकल टीमों की तैयारी को दिखाती है। उनकी त्वरित कार्रवाई से समय पर मेडिकल देखभाल मिल सकी, जिससे संभावित जटिलताओं को रोका जा सका और माँ व नवजात शिशु दोनों को एक सुरक्षित शुरुआत मिली।

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