अमन, मोहब्बत और भाईचारे का पैग़ाम देता रहा जुलूस; पुलिस अधिकारियों का किया गया शानदार इस्तक़बाल
(रिपोर्ट :- एडिटर जफरसिद्दीकी )
मुंबई :- ईद-ए-मिलाद-उन-नबी सल्लल्लाहु अलैही वसल्लम के मुबारक, बाबरकत और पुरनूर मौके पर सांताक्रूज़ पश्चिम के हसनाबाद इलाके में जश्न-ए-ईद मिलाद-उन-नबी सल्लल्लाहु अलैही वसल्लम के सिलसिले में अज़ीम-उश्शान जुलूस-ए-मोहम्मदी का शानदार आयोजन किया गया। 26 अगस्त 2026 को हसनाबाद लेन, आयशा अपार्टमेंट के सामने, समर क्वीन बिल्डिंग और बेंज अस्पताल के आसपास से निकले इस जुलूस में बड़ी तादाद में आशिक़ान-ए
-रसूल सल्लल्लाहु अलैही वसल्लम ने वालिहाना अंदाज़ में शिरकत की।
जुलूस की सरपरस्ती हाजी इब्राहीम शेख़ ‘भाईजान’, सदर जमात-ए-रज़ा-ए-मुस्तफ़ा, महाराष्ट्र तथा नाइब सदर, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, महाराष्ट्र की रहनुमाई में की गई। जुलूस जैसे-जैसे आगे बढ़ता गया, नात-ए-पाक, सलाम और अकीदत भरी सदाओं से सांताक्रूज़ की फ़िज़ा रूहानी हो गई। गली-गली “सरकार की आमद मरहबा” और “या रसूलल्लाह सल्लल्लाहु अलैही वसल्लम की सदाएं बुलंद होती रहीं।
जुलूस में बच्चे, नौजवान, बुज़ुर्ग और हर तबके के लोगों ने पूरे जोश-ओ-खरोश के साथ शिरकत की। आशिक़ान-रसूल की अकीदत औरसल्लल्लाहु अलैही वसल्लम मोहब्बत से सजे इस जुलूस ने सांताक्रूज़ में ईमान, इत्तेहाद, अमन और भाईचारे की खूबसूरत तस्वीर पेश की।
हाजी इब्राहीम शेख़ ‘भाईजान’ की रहनुमाई में शानदार इंतज़ाम
जुलूस की कामयाबी और बेहतरीन इंतज़ाम में हाजी इब्राहीम शेख़ ‘भाईजान’ की रहनुमाई अहम रही। दीनी ख़िदमत, समाजसेवा और इंसानियत के जज़्बे के लिए इलाके में अपनी अलग पहचान रखने वाले हाजी इब्राहीम शेख़ ने जुलूस के दौरान तमाम इंतज़ामात की निगरानी की और अकीदतमंदों का इस्तक़बाल किया।
उन्होंने कहा कि सरकार-ए-दो-आलम हज़रत मुहम्मद मुस्तफ़ा सल्लल्लाहु अलैही वसल्लम
की सीरत-ए-तय्यिबा पूरी इंसानियत के लिए अमन, रहमत, मोहब्बत, भाईचारे और ख़िदमत-ए-ख़ल्क़ का पैग़ाम है। ईद-ए-मिलाद-उन-नबी सल्लल्लाहु अलैही वसल्लम
हमें आपसी इख़्तिलाफ़ात भुलाकर मोहब्बत और इंसानियत के रास्ते पर चलने की तालीम देती है।
नामचीन शख्सियात ने की शिरकत
जुलूस में सांताक्रूज़ पश्चिम की सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक क्षेत्र की कई नामचीन शख्सियात मौजूद रहीं। इनमें मुफ़्ती ए आझम और कई उलेमा मुफ़्ती ईस्लाम साहब, मुफ़्ती सोहेल रज़ा साहब, वरिष्ठ समाजसेवक आरिफ हाजी इब्राहीम शेख़, फहीम हाजी इब्राहीम शेख़, असद हाजी इब्राहीम शेख़, अरशद हाजी इब्राहीम शेख़, अहद शेख़ इब्राहीम भाईजान, पूर्व विधायक एम.एम. शेख़, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता कय्यूम तांबोली, समाजसेवक हाजी रफ़ीक़ शेख़, रफ़ीक़ मामू, रहीम भाई, उस्मान लाला, शाकिर कुरैशी, जिया भाई, इरशाद काज़ी समेत बड़ी संख्या में सामाजिक व धार्मिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
इस अवसर पर पूर्व विधायक एम एम शेख ने भी जुलूस में शिरकत की और आयोजकों को ईद-ए-मिलाद-उन-नबी सल्लल्लाहु अलैही वसल्लम
की मुबारकबाद पेश की।
पुलिस अधिकारियों का किया गया शानदार इस्तक़बाल
जुलूस के दौरान सांताक्रूज़ पुलिस की ओर से अमन-ओ-चैन और ट्रैफिक समेत सुरक्षा के बेहतरीन इंतज़ाम किए गए। पुलिस प्रशासन के तआवुन और ख़िदमात को सराहते हुए पूर्व विधायक एम.एम. शेख़ तथा हाजी इब्राहीम शेख़ ‘भाईजान’ और फहीम इब्राहीम शेख़ की ओर से पुलिस अधिकारियों का शानदार इस्तक़बाल किया गया।
सांताक्रूज़ पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक दत्तात्रय साहब तथा उनके सहयोगियों को शाल ओढ़ाकर, बुके और फूलों के हार पेश कर सम्मानित किया गया। इस मौके पर पुलिस विभाग के तआवुन और बेहतरीन बंदोबस्त की जमकर सराहना की गई।
मस्जिद ताजुश्शरिया में हुआ जुलूस का इख़्तिताम
जुलूस अपनी मंज़िल की ओर बढ़ते हुए मस्जिद ताजुश्शरिया पहुंचा, जहां सामूहिक दुआ का एह्तिमाम किया गया। दुआ में मुल्क, कौम और शहर की सलामती, अमन-ओ-अमान, खुशहाली और आपसी भाईचारे के लिए ख़ुसूसी दुआएं की गईं।
इसके बाद मिलाद-ए-नबी
सल्लल्लाहु अलैही वसल्लम
की अहमियत और सीरत-ए-तय्यिबा पर असरदार बयान हुआ। उलमा-ए-किराम ने पैग़ंबर-ए-इस्लाम सल्लल्लाहु अलैही वसल्लम
की ज़िंदगी और उनकी तालीमात पर रोशनी डालते हुए लोगों से मोहब्बत, अमन, इंसानियत और ख़िदमत के रास्ते पर चलने की अपील की।
नमाज़-ए-ज़ुहर के बाद लंगर-ए-आम का ख़ुसूसी एह्तिमाम किया गया, जिसमें सैकड़ों अकीदतमंदों ने शिरकत की और लंगर से फ़ैज़याब हुए।
अमन, मोहब्बत और भाईचारे का दिया पैग़ाम
सांताक्रूज़ में निकाला गया यह जुलूस-ए-मोहम्मदी सल्लल्लाहु अलैही वसल्लम
महज़ एक धार्मिक जुलूस नहीं, बल्कि मोहब्बत-ए-रसूलसल्लल्लाहु अलैही वसल्लम इत्तेहाद, अमन, भाईचारे और इंसानियत का अज़ीम पैग़ाम बनकर सामने आया। जुलूस की पुरनूर फ़िज़ा, नात-ए-पाक की सदाएं और अकीदतमंदों की वालिहाना शिरकत ने पूरे इलाके को रूहानी माहौल में सराबोर कर दिया।
आयोजकों ने तमाम अकीदतमंदों, उलमा-ए-किराम, सामाजिक शख्सियात और पुलिस प्रशासन का शुक्रिया अदा करते हुए दुआ की कि अल्लाह तआला आमद-ए-मुस्तफ़ा सल्लल्लाहु अलैही वसल्लम की इस मुबारक खुशी के सदक़े में सांताक्रूज़, मुंबई और पूरे मुल्क में अमन-ओ-अमान, इत्तेहाद, खुशहाली और भाईचारा कायम रखे।

Loading comments...