मुन्ना मुजावर
बारामती: बारामती नगर पुलिस ने अक्षय उर्फ सोन्या भीमराव कांबले के खिलाफ निर्वासन आदेश के बावजूद बारामती शहर में प्रवेश करने और फॉर्च्यूनर गाड़ी से नागरिकों में दहशत फैलाने की कोशिश करने के आरोप में मामला दर्ज किया है। पुलिस ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो का स्वतः संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की है।
8 सितंबर को सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो क्लिप में, रजिस्ट्रेशन नंबर MH-42-BN-9786 वाली फॉर्च्यूनर गाड़ी की छत पर और बाहर कुछ लोग बैठे हुए दिखाई दिए। वीडियो क्लिप में कुछ लोग नागरिकों की ओर इशारे भी करते नजर आए। पुलिस द्वारा वीडियो की जांच करने पर प्रथम दृष्टया पता चला कि यह अक्षय उर्फ सोन्या कांबले थे। कांबले को 18 जनवरी, 2025 से 17 जनवरी, 2027 तक पुणे जिले, पुणे शहर, पिंपरी-चिंचवाड़ और फलटन तालुका से निर्वासित किया गया है। निर्वासन आदेश लागू होने के बावजूद बारामती शहर में प्रवेश करने पर पुलिस ने उनके खिलाफ कार्रवाई की है।
बारामती सिटी पुलिस स्टेशन, बारामती में पुलिस कांस्टेबल गिरीश नेवसे की शिकायत पर भारतीय दंड संहिता की धारा 281, 285 और मोटर वाहन अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला संख्या 372/2026 दर्ज किया गया है। निर्वासन आदेश के उल्लंघन के लिए भी अलग से कार्रवाई की जा रही है। कांबले के खिलाफ हत्या का प्रयास, मारपीट और आतंक फैलाने सहित गंभीर अपराधों के मामले पहले ही दर्ज किए जा चुके हैं। इस बीच, पुलिस ने धीरज पाडकर, अमोल कांबले, तुषार उर्फ चिन्त्या सोनावाने, अक्षय उर्फ सोन्या कांबले, वैभव बागडे, अक्षय सोनावाने और नीलेश उमर्दंद की गतिविधियों पर नजर रखना शुरू कर दिया है।
यह अभियान प्रभारी पुलिस इंस्पेक्टर श्रीशैल चिवादशेट्टी, सहायक पुलिस इंस्पेक्टर शशिकांत इंगवाले, पुलिस कांस्टेबल ज्ञानदेव क्षीरसागर, यशवंत पवार, उदय तापरे, रामचंद्र शिंदे, पुलिस कांस्टेबल गिरीश नेवसे, अक्षय सीताफ और महिला पुलिस कांस्टेबल भाग्यश्री देवकाटे के नेतृत्व में जांच दल द्वारा अंजाम दिया गया था।

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