ठाणे: महाराष्ट्र में दूसरे राज्यों के वाहनों के अनधिकृत इस्तेमाल के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए, ठाणे क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) ने पूरे शहर में जांच अभियान तेज कर दिया है और 150 वाहन मालिकों को जुर्माना नोटिस जारी किए हैं। इस अभियान का उद्देश्य परिवहन नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना, वाहनों का बकाया टैक्स वसूलना और जरूरी दस्तावेजों की जांच करना है।
मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 47 के तहत, यदि किसी एक राज्य में पंजीकृत वाहन को दूसरे राज्य में 12 महीने से अधिक समय तक चलाया जाता है, तो उस राज्य में उसका फिर से पंजीकरण (री-रजिस्ट्रेशन) कराना अनिवार्य है। इसके अलावा, नियमों के अनुसार, जो वाहन मालिक दूसरे राज्य के वाहनों को महाराष्ट्र लाते हैं, उन्हें राज्य में आने के सात दिनों के भीतर निर्धारित आवेदन फॉर्म में जरूरी जानकारी स्थानीय पंजीकरण प्राधिकरण को देनी होती है। यह विशेष अभियान इसी बात की जांच करने के लिए चलाया जा रहा है कि क्या इन नियमों का सख्ती से पालन हो रहा है।
यह प्रवर्तन अभियान क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (RTO) हेमांगिनी पाटिल के मार्गदर्शन में चलाया जा रहा है। जांच टीमें महाराष्ट्र में नियमित रूप से चल रहे, दूसरे राज्यों में पंजीकृत वाहनों की पहचान कर रही हैं। अधिकारी यह देख रहे हैं कि वाहन राज्य में कितने समय से चल रहे हैं, क्या उनका फिर से पंजीकरण जरूरी है, और क्या 'महाराष्ट्र मोटर वाहन कर अधिनियम' के तहत लागू रोड टैक्स का भुगतान किया गया है या नहीं। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर मौजूदा कानूनों के अनुसार जुर्माना लगाने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। इस अभियान में RTO अधिकारियों, मोटर वाहन निरीक्षकों, सहायक मोटर वाहन निरीक्षकों और विशेष फील्ड निरीक्षण दस्तों द्वारा सक्रिय कार्रवाई की जा रही है। "अन्य राज्यों के वाहनों के मालिकों को महाराष्ट्र के परिवहन नियमों की जानकारी होनी चाहिए, जहाँ लागू हो वहाँ फिर से पंजीकरण (री-रजिस्ट्रेशन) की प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए, और अनिवार्य मोटर वाहन कर का समय पर भुगतान करना चाहिए। वाहन मालिकों को अपने सभी दस्तावेज़ अपडेट रखने चाहिए और कानूनी प्रावधानों का सख्ती से पालन करना चाहिए।" - रोहित कटकर, उप क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, ठाणे

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