मुंबई: बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के के/वेस्ट (K/West) वार्ड में प्रशासनिक तालमेल और ईमानदारी को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे एक पोस्टर और स्थानीय 'जन आक्रोश' रिपोर्ट के अनुसार, वार्ड के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच गंभीर अंदरूनी मतभेद और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं।
आदेशों की अवहेलना का आरोप
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, के/वेस्ट बीएमसी के सहायक आयुक्त (Assistant Commissioner) चक्रपाणि आल्ले द्वारा जारी किए गए निर्देशों और आदेशों को उन्हीं के विभाग के डी.ओ. (Designated Officer) और कार्यकारी अभियंता सचिन घेवड़े कथित तौर पर मानने से इनकार कर रहे हैं। एक ही विभाग में दो बड़े अधिकारियों के बीच इस तरह के समन्वय की कमी से प्रशासनिक कामकाज पर गहरा असर पड़ रहा है।
सामाजिक कार्यकर्ता फूलचंद उबाळे का बयान
इस मामले पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता फूलचंद उबाळे ने कहा, "के/वेस्ट बीएमसी वार्ड पूरी तरह से भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुका है। जब निचले स्तर के अधिकारी अपने ही वरिष्ठ सहायक आयुक्त के आदेशों की धज्जियां उड़ाने लगें, तो यह साफ है कि व्यवस्था में पारदर्शिता खत्म हो चुकी है। सचिन घेवड़े जैसे अधिकारियों की मनमानी और कथित भ्रष्टाचार के कारण आम जनता त्रस्त है। हम मांग करते हैं कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की जाए और दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो।"
जनता में भारी नाराजगी
क्षेत्र के नागरिकों में इस बात को लेकर गहरा आक्रोश है कि आखिर के/वेस्ट बीएमसी की कार्यप्रणाली में सुधार कब आएगा? लोगों का कहना है कि जब जिम्मेदार अधिकारी ही आपस में मनमानी करेंगे और भ्रष्टाचार में लिप्त रहें

Loading comments...