नया मोड़: पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने अखिलेश के समक्ष सपा जॉइन की, मुस्लिम वोटों को एकजुट करने का नया प्रयाससदस्यता ग्रहण
आज समाजवादी पार्टी मुख्यालय में राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की मौजूदगी में पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने सपा की सदस्यता ले ली। बसपा से शुरू कर कांग्रेस तक का सफर तय करने के बाद यह उनका तीसरा राजनीतिक पड़ाव है, जो यूपी की सियासत में नई चर्चा पैदा कर रहा है। नसीमुद्दी ने अखिलेश के संस्कारों की पुरानी तारीफ दोहराते हुए कहा कि उनकी सादगी ने उन्हें आकर्षित किया।राजनीतिक संदर्भबसपा से नाराजगी और कांग्रेस में जिम्मेदारी न मिलने के बाद सपा को चुना गया। यूपी में बिखरे मुस्लिम मतदाताओं को एकजुट करने के लिए अखिलेश के लिए यह कदम रणनीतिक हो सकता है, हालांकि नसीमुद्दीन की पिछली कोशिशें अपेक्षित सफलता से कम रहीं। सपा आलाकमान अब उनकी भूमिका पर विचार करेगा।भविष्य की संभावनाएंदल-बदल की इस होड़ में नसीमुद्दीन के अनुभव से सपा को फायदा हो सकता है, लेकिन वोटरों का भरोसा जीतना चुनौती होगी। यूपी चुनावों से पहले यह कदम पार्टियों के गठबंधन समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।
