पीक आवर्स’ में यात्री करते हैं कतारों में `कसरत’…….,..

घाटकोपर-वर्सोवा के बीच चलने वाली मेट्रो-१ के स्टेशनों पर पीक आवर्स के दौरान भारी भीड़ देखी जा रही है। अंधेरी, घाटकोपर, मरोल आदि स्टेशनों पर यात्रियों को लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ रहा है, जिससे उन्हें मानसिक और शारीरिक परेशानी हो रही है। यहां भगदड़ जैसी संभावित दुर्घटनाओं से बचने के लिए यात्रियों द्वारा ट्रेनों के डिब्बों की संख्या बढ़ाने की जोरदार मांग की जा रही है।
मुंबई की यातायात समस्या का समाधान करने के लिए जून २०१४ में घाटकोपर-वर्सोवा के बीच पहली मेट्रो सेवा शुरू की गई थी। दस वर्षों में इस मेट्रो मार्ग पर यात्रियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। हालांकि, इसके अनुरूप मेट्रो मार्ग और ट्रेनों का आधुनिकीकरण नहीं किया गया है इसलिए यात्रियों को स्टेशनों पर बहुत भीड़भाड़ में खड़ा रहना पड़ रहा है।
स्टेशनों पर अव्यवस्थाएं
ज्यादा यात्री संख्या और छोटे प्लेटफॉर्म के कारण स्टेशनों पर अव्यवस्था देखी जा रही है। ट्रेनें भी पूरी तरह से भरी हुई चलती हैं। ऑटोमैटिक एक्सेस कंट्रोल सिस्टम के पास लंबी कतारें लग रही हैं। इससे निजात पाने के लिए यात्रियों की मांग है कि सरकार मेट्रो सेवा ऑपरेटर कंपनी को ट्रेनों में डिब्बों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दे।
यात्रियों की मांग
ट्रेनों के डिब्बों की संख्या बढ़ाई जाए, मेट्रो के फेरे बढ़ाए जाएं, प्लेटफॉर्म छोटे पड़ रहे हैं इसलिए उनका भी आधुनिकीकरण किया जाए और भीड़भाड़ कम करने के लिए नियोजन किया जाए। ये मुख्य मांगें नियमित रूप से यात्रा करने वाले यात्रियों द्वारा की जा रही हैं। वर्तमान में इस मार्ग पर हर ५ से ६ मिनट के अंतराल पर मेट्रो ट्रेनें चल रही हैं। यात्रियों की मांग है कि इसकी जगह हर ३ मिनट में ट्रेनें चलाई जाएं।
औसत नियमित यात्रियों की संख्या
घाटकोपर स्टेशन – १,१४,५००
अंधेरी स्टेशन – ८३,०००
मरोल नाका/साकीनाका – ४०,०००
पूरे मार्ग की कुल यात्री संख्या – ४,५५,०००
