फर्जी रिपोर्ट के आधार पर NOC हासिल करने की तैयारी! प्रशासन से उच्चस्तरीय जांच की मांग

संवाददाता फरियाद अली
जनपद बहराइच में उच्च शिक्षा संस्थान से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसने प्रशासनिक तंत्र में हलचल मचा दी है। हरिश्चंद्र उच्च शिक्षण संस्थान से संबंधित प्रकरण में कथित रूप से फर्जी रिपोर्ट और गलत तथ्यों के आधार पर एनओसी (NOC) हासिल करने की कोशिश का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ताओं ने जिलाधिकारी से लेकर कुलपति, मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय बलरामपुर तक पूरे मामले की लिखित शिकायत भेजकर निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
सूत्रों के अनुसार, संस्थान की ओर से प्रस्तुत की गई रिपोर्ट में जमीन, भवन और मार्ग से संबंधित विवरण को लेकर गंभीर आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं। आरोप है कि नक्शे और स्थलीय स्थिति में बड़ा अंतर है, जबकि कागजी दस्तावेजों में दर्शाई गई स्थिति वास्तविकता से मेल नहीं खाती। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि यदि बिना भौतिक सत्यापन के एनओसी जारी की गई तो भविष्य में छात्रों और प्रशासन दोनों के लिए बड़ी समस्या खड़ी हो सकती है।
मामले को लेकर स्थानीय प्रशासन सतर्क हो गया है। संबंधित अधिकारियों को पत्र भेजकर जांच प्रक्रिया तेज करने की मांग की गई है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यदि दस्तावेजों की गहन जांच और स्थलीय निरीक्षण कराया जाए तो सच्चाई स्वतः सामने आ जाएगी। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि नियमों को दरकिनार कर किसी भी संस्था को लाभ पहुंचाना शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता पर प्रश्नचिन्ह खड़ा करेगा।
इस प्रकरण ने जिले में शिक्षा संस्थानों की मान्यता प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारों का मानना है कि यदि समय रहते जांच नहीं हुई तो यह मामला बड़ा प्रशासनिक विवाद बन सकता है। वहीं आमजन में भी चर्चा है कि क्या बिना पूर्ण सत्यापन के एनओसी जारी करने की तैयारी की जा रही है?
अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन और विश्वविद्यालय प्रबंधन इस मामले में क्या कदम उठाते हैं। क्या होगी उच्चस्तरीय जांच? क्या फर्जी दस्तावेजों की पुष्टि होगी या आरोप निराधार साबित होंगे? फिलहाल पूरा मामला जांच के दायरे में है और प्रशासनिक कार्रवाई की प्रतीक्षा की जा रही है।
