पुणे: बाजीराव रोड पर दिनदहाड़े खतरनाक कोयता से, 17 साल के युवक पर तीन हमलावरों ने बोला धावा; दोस्त को बचाते हुए भी लगा घाव, इलाके में दहशत का माहौल

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पुणे, 04 नवंबर 2025: शहर के व्यस्त बाजीराव रोड पर दोपहर के समय उस वक्त हड़कंप मच गया, जब तीन अज्ञात हमलावरों ने दिनदहाड़े एक 17 वर्षीय युवक पर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर दिए। घटना इतनी भयावह थी कि बीच-बचाव करने वाले युवक के दोस्त पर भी हमलावरों ने चाकू चला दिया। गंभीर रूप से घायल दोनों युवकों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां मुख्य पीड़ित की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए छापेमारी शुरू कर दी है।

 

घटना का पूरा विवरण: दोस्तों का इंतजार, अचानक हमला

 

पुलिस सूत्रों के अनुसार, घायल युवक की पहचान मयंक सोमदत्त खरारे (उम्र 17 वर्ष, निवासी साने गुरुजीनगर, अंबिलोधा) के रूप में हुई है। वह अपने दोस्त अभिजीत संतोष इंगले (उम्र 18 वर्ष, निवासी दांडेकर पूल) के साथ बाजीराव रोड स्थित टेलीफोन बिल्डिंग के पास किसी का इंतजार कर रहे थे। दोपहर करीब 2 बजे अचानक तीन युवक वहां पहुंचे और बिना किसी पूर्व विवाद के मयंक पर चाकू से हमला बोल दिया।

मयंक को बचाने की कोशिश में अभिजीत आगे आए, लेकिन हमलावरों ने उन्हें भी नहीं बख्शा। अभिजीत के सीने और हाथ पर चाकू के गहरे घाव हो गए। हमले के बाद तीनों आरोपी मौके से फरार हो गए, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। दुकानदारों और राहगीरों ने चीख-पुकार मचाई, लेकिन तब तक हमलावर गायब हो चुके थे।

 

पुलिस की त्वरित कार्रवाई, लेकिन सवाल बरकरार

 

सूचना मिलते ही खड़क पुलिस स्टेशन की टीम मौके पर पहुंची। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और गवाहों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस उपनिरीक्षक ने बताया, “हमले के पीछे पुरानी रंजिश हो सकती है, लेकिन अभी तक कोई ठोस वजह सामने नहीं आई है। आरोपियों की तलाश के लिए विशेष टीम गठित कर दी गई है।”

मयंक को गंभीर चोटें आई हैं – उसके पेट और छाती पर कई वार हैं। उसे ससून जनरल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की टीम उसकी सर्जरी में जुटी हुई है। अभिजीत की हालत स्थिर बताई जा रही है, लेकिन दोनों की जान पर अभी भी खतरा बना हुआ है।

 

इलाके में दहशत, लोग बोले – ‘दिन में भी असुरक्षित’

 

बाजीराव रोड पुणे का व्यस्ततम इलाका है, जहां दिनभर हजारों लोग आते-जाते हैं। इस घटना के बाद स्थानीय दुकानदार और राहगीर सहमे हुए हैं। एक दुकानदार ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, “यहां दिन में भी इतनी भीड़ रहती है, फिर भी ऐसे हमले हो रहे हैं। पुलिस को गश्त बढ़ानी चाहिए।”

महिला राहगीरों ने भी चिंता जताई कि अब दोपहर में भी सुरक्षित महसूस नहीं होता। स्थानीय पार्षद ने पुलिस आयुक्त से मुलाकात कर इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने की मांग की है।

 

क्या है हमले की वजह? पुलिस की थ्योरी

 

पुरानी दुश्मनी: मयंक और अभिजीत के परिजनों से पूछताछ में पता चला है कि दोनों किसी स्थानीय गुट से जुड़े हो सकते हैं।

लूट का इरादा: हालांकि हमलावरों ने कुछ नहीं लूटा, फिर भी यह कोण खारिज नहीं किया गया।

पर्सनल रंजिश: पुलिस को शक है कि हमलावर मयंक को पहले से जानते थे।

पुलिस ने आईपीसी की धारा 307 (हत्या का प्रयास), 324 (चाकू से हमला), 506 (धमकी) और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।

 

परिजनों का छलका दर्द

 

मयंक के पिता ने अस्पताल पहुंचकर रोते हुए कहा, “मेरा बेटा सिर्फ 17 साल का है। वह पढ़ाई करता है, किसी से दुश्मनी नहीं। ये लोग कौन हैं, जो दिनदहाड़े जान लेने पर तुले हैं?” अभिजीत की मां ने आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग की।

पुणे में बढ़ते चाकूबाजी के मामले

यह कोई पहली घटना नहीं है। पिछले 6 महीनों में पुणे में चाकूबाजी की 15 से अधिक वारदातें हो चुकी हैं, जिनमें ज्यादातर युवा शामिल रहे। पुलिस की ‘ऑपरेशन नाइटहॉक’ के बावजूद अपराधियों के हौसले बुलंद हैं।

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