विहार लेक में लगातार डूब रहे बच्चे..फिर डूबने से २० साल के युवक की मौत……

मुंबई..मनपा प्रशासन की लापरवाही से बच्चों की जान जा रही है, लेकिन मनपा को इसकी कोई परवाह नहीं है। लगभग दो महीने पहले एक लड़के की जान इस लेक में डूबने से चली गई थी। अब फिर एक २० साल के युवक की मौत हो गई है। दरअसल, पवई विहार लेक में चार बच्चे नहाने गए, उनमें से एक बच्चे की मौत डूबने से हो गई। ये मामला तुंगा गांव के चाल में रहने वाले टाक परिवार का है। इस लड़के के सिर पर पिता का साया नहीं होने से वो ही अपनी मां का सहारा था। लड़के का नाम शिवम टाक है।
लड़के की मां नीतू टाक ने बताया कि उनका लड़का दोपहर ३ बजे अपने तीन दोस्तों के साथ विहार लेक नहाने गया और चार बजे खबर मिली कि उनका लड़का डूब गया। उसके बाद रामबाग पुलिस को खबर दी गई और लड़के को लेक से निकला गया। बता दें कि विहार लेक मनपा की देख-रेख में है, फिर भी बच्चों के डूबने से मौत की खबरें लगातार आ रही हैं। वैसे तो लेक के अंदर जाने की मनाही है, लेकिन वहां पर कोई उचित व्यवस्था नहीं की गई है। स्थानीय नागरिकों ने बताया कि बच्चे नहाने के लिए पानी में दीवार से कूद जाते हैं, जिससे डूबने की घटनाएं सामने आती हैं। यहां तक कि पानी में मगरमच्छ भी होने की आशंका जताई जाती है।
मनपा कुंभकर्णी नींद में
नागरिकों ने मांग करते हुए कहा कि वहां पर मनपा को बच्चे न जाएं इसलिए कोई कड़ा कदम उठाना चाहिए। साथ ही दीवार को ऊपर से जाली से पैक करना चाहिए, ताकि बच्चे न जाएं। बच्चों की जान को लेकर इतनी बड़ी लापरवाही हो रही है, लेकिन शासन और प्रशासन कुंभकर्णी नींद में है। इस मामले को लेकर मनपा अधिकारी से बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने फोन उठाना भी सही नहीं समझा। मनपा की हेड ऑफिस में भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
पुलिस भी जवाब देने को तैयार नहीं
गौरतलब है कि विहार लेक मुलुंड पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आता है। जब पुलिस स्टेशन के सीनियर पीआई से बात करने की कोशिश की गई तो वहां से भी कोई जवाब नहीं मिला। सीनियर पीआई को तीन बार फोन और एसएमएस किया, लेकिन उन्होंने न फोन उठाया और न ही एसएमएस का जवाब देने की जहमत उठाई। इसके बाद डीसीपी को फोन किया तो उन्होंने भी संबंधित पुलिस स्टेशन के सीनियर पीआई के मीटिंग में होने की बात कहकर टाल दिया। अब सोचने वाली बात ये है कि विहार लेक में बच्चों के डूबने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, फिर भी निगरानी की कोई उचित व्यवस्था क्यों नहीं है।
