बहराइच में बड़ा हादसा टला, सीतापुर डिपो की बस का ब्रेक हुआ फेल, चालक की सूझबूझ से बची दर्जनों जानें
FAC News Desk
|
|
— views
रिपोर्ट – फरियाद अली
बहराइच, उत्तर प्रदेश जनपद बहराइच से सोमवार दोपहर एक बड़ा हादसा होने से बाल-बाल बच गया। सीतापुर डिपो की एक रोडवेज बस का ब्रेक अचानक फेल हो गया, जिससे बस अनियंत्रित होकर एक पोल और गिट्टी के ढेर में जा घुसी। हादसा दोपहर करीब ढाई बजे हुआ जब बस बहराइच रोडवेज बस अड्डे से यात्रियों को लेकर निकली ही थी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही बस अड्डे से करीब 200 मीटर की दूरी पर पहुंची, चालक को अहसास हुआ कि बस के ब्रेक काम नहीं कर रहे हैं। उस समय बस में दर्जनों यात्री सवार थे और यात्री घबराकर शोर मचाने लगे। हालांकि चालक ने धैर्य और सूझबूझ से काम लिया और बस को सड़क किनारे एक पोल और गिट्टी के ढेर की ओर मोड़ दिया, जिससे बस रुक गई। यह चालक की तत्परता और अनुभव ही था कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ और सभी यात्री सुरक्षित रहे।
इस घटना के बाद यात्रियों में भय और आक्रोश दोनों देखने को मिला। कुछ यात्रियों ने रोडवेज प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि आए दिन रोडवेज की बसों में तकनीकी खराबी, ओवरलोडिंग और असमय रखरखाव की शिकायतें मिलती रहती हैं, लेकिन विभाग इन पर कोई गंभीर कदम नहीं उठाता।
स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से मांग की है कि रोडवेज बसों की समय-समय पर जांच कराई जाए ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। एक राहगीर ने बताया कि अगर चालक ने समय रहते बस को गिट्टी के ढेर की तरफ न मोड़ा होता, तो बस सीधा ट्रैफिक में घुस जाती और जान-माल का भारी नुकसान हो सकता था।
हादसे के बाद पुलिस और रोडवेज के अधिकारी मौके पर पहुंचे और बस को हटवाया गया। साथ ही मामले की जांच के निर्देश दिए गए हैं। रोडवेज अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में ब्रेक फेल होना सामने आया है, और संबंधित बस को डिपो में वापस लाकर उसकी पूरी मैकेनिकल जांच कराई जा रही है।
यह कोई पहला मामला नहीं है जब रोडवेज की लापरवाही सामने आई हो। इससे पहले भी कई बार बसों में तकनीकी खराबी के चलते हादसे हो चुके हैं। हर बार जांच के आश्वासन तो मिलते हैं लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आती।
जनता और यात्रियों ने एक बार फिर सरकार और परिवहन विभाग से मांग की है कि बसों की समय-समय पर जांच सुनिश्चित की जाए, और पुराने व खराब हालात वाली बसों को फौरन सेवा से हटाया जाए। चालक को इस मामले में सम्मानित करने की भी मांग उठ रही है क्योंकि उसने जिस तरह अपनी सूझबूझ से दर्जनों लोगों की जान बचाई, वह काबिल-ए-तारीफ है।
यह हादसा एक चेतावनी है कि अगर समय रहते प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया तो अगली बार इतना सौभाग्य साथ नहीं भी हो सकता। जनता की सुरक्षा के लिए अब जरूरी है कि रोडवेज विभाग सजग हो और ठोस कदम उठाए।
How did you feel about this news?

Loading comments...