“बिजली दो या इस्तीफा दो!” बहराइच में अब जनता ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है!
Fariyad Ali
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उत्तर प्रदेश के जनपद बहराइच से इस वक्त की सबसे बड़ी और सियासत को गरमा देने वाली खबर सामने आ रही है, जहां भीषण गर्मी और बिजली विभाग की मनमानी ने जनता के सब्र का बांध तोड़ दिया है। रंजीतपुर विद्युत उपकेंद्र इस समय सिर्फ बिजली सप्लाई का केंद्र नहीं बल्कि उबलते जनआक्रोश का सबसे बड़ा मैदान बन चुका है।घंटों की अघोषित कटौती रातभर की रोस्टिंग रेंगता हुआ लो-वोल्टेज और ऊपर से भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप इन सबने मिलकर हालात ऐसे बना दिए कि सैकड़ों ग्रामीण, किसान, छात्र, व्यापारी और सामाजिक कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए और पावर हाउस का घेराव कर दिया।हाथों में ज्ञापन जुबां पर गुस्सा और नारों में साफ चेतावनी “अगर 18 घंटे के भीतर बिजली व्यवस्था नहीं सुधरी तो पूरे इलाके में चक्का जाम होगा और इसकी पूरी जिम्मेदारी बिजली विभाग की होगी!”धरने पर बैठे लोगों का कहना है कि रंजीतपुर क्षेत्र में बिजली कब आएगी और कब जाएगी इसका किसी को कोई भरोसा नहीं। इस उमस भरी गर्मी में बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं पूरी रात जागने को मजबूर हैं। घरों में लगे पंखे और कूलर सिर्फ शोपीस बनकर रह गए हैं।लोगों का आरोप है कि रात्रिकालीन रोस्टिंग के नाम पर पूरी-पूरी रात बत्ती गुल रखी जाती है और जब बिजली आती भी है तो वोल्टेज इतना कम होता है कि बल्ब तक ठीक से नहीं जलते।ग्रामीणों का कहना है कि बिजली विभाग सिर्फ कागजों पर सप्लाई दिखाकर अपनी जिम्मेदारी पूरी मान रहा है जबकि जमीनी हकीकत पूरी तरह अंधेरे में डूबी हुई है।धरने में मौजूद पत्रकार एवं समाजसेवीआसिफ सिद्दीकीने बिजली विभाग पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि अधिकारियों की लापरवाही अब जनता की सहनशक्ति से बाहर हो चुकी है।“इस जानलेवा गर्मी में अघोषित कटौती बच्चों और बुजुर्गों की जिंदगी से खिलवाड़ है। लोग उमस और मच्छरों के बीच तड़प रहे हैं लेकिन जिम्मेदार अधिकारी फोन तक उठाना जरूरी नहीं समझते।”वहीं छात्र नेतादेवेंद्र प्रताप सिंहने कहा कि बिजली संकट अब छात्रों के भविष्य पर हमला बन चुका है।“रात में वोल्टेज इतना कम रहता है कि पंखे की पंखुड़ी तक नहीं डोलती प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र अंधेरे में अपना भविष्य तलाश रहे हैं।”किसानों ने भी बिजली विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। किसानों का कहना है कि बिजली न मिलने से समरसेबल मोटरें बंद पड़ी हैं सिंचाई प्रभावित हो रही है और धान समेत कई फसलें सूखने की कगार पर पहुंच रही हैं।इसी दौरान किसान यूनियन टिकैत तहसील अध्यक्षबृजेश कुमार पाठकने बिजली कर्मचारियों पर रिश्वतखोरी के गंभीर आरोप लगाए।“फ्यूज बांधने और फाल्ट ठीक करने तक के लिए खुलेआम तीन सौ से पांच सौ मांगे जाते हैं बिना पैसे दिए लाइनमैन खंभे पर चढ़ने तक को तैयार नहीं होते।”प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि रात के समय कुछ रसूखदार लोगों को वी आई पी बिजली सप्लाई दी जाती है जबकि आम जनता घंटों अंधेरे में रहने को मजबूर रहती है।हालांकि रंजीतपुर के एसडीओ ने आश्वासन दिया है कि विभाग 18 घंटे नियमित बिजली सप्लाई देने की दिशा में काम कर रहा है जर्जर तार बदले जाएंगे और खराब ट्रांसफार्मरों को भी जल्द ठीक कराया जाएगा।लेकिन अब जनता सिर्फ आश्वासन नहीं जमीन पर रिजल्ट चाहती है।क्योंकि यह लड़ाई अब सिर्फ बिजली की नहींबच्चों की पढ़ाई किसानों की कमाई और आम जनता की जिंदगी की लड़ाई बन चुकी है।अब देखना होगा18 घंटे में बिजली सुधरती हैया फिर बहराइच की सड़कें जाम होती हैं!
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