बिजली की बदहाली पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, रंजीतपुर पावर हाउस का घेराव कर दिया 48 घंटे का अल्टीमेटम
Fariyad Ali
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बिजली की बदहाली पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, रंजीतपुर पावर हाउस का घेराव कर दिया 48 घंटे का अल्टीमेटमब्यूरो रिपोर्ट फरियाद अलीबहराइच। भीषण गर्मी और उमस के बीच अघोषित बिजली कटौती तथा जर्जर विद्युत व्यवस्था से परेशान ग्रामीणों का गुस्सा शुक्रवार को फूट पड़ा। रंजीतपुर पावर हाउस से जुड़े मोगलहा, गोबरहा, कटघरा कला, सादियाबाद, रमवापुर, बेचन पूर्वा, बैकुंठा समेत आधा दर्जन से अधिक गांवों के सैकड़ों उपभोक्ताओं ने रंजीतपुर पावर हाउस का घेराव कर बिजली विभाग के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने विभागीय अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विद्युत व्यवस्था में तत्काल सुधार की मांग की और 48 घंटे के भीतर समाधान न होने पर जिला मुख्यालय पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी।प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे सामाजिक कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में 24 घंटे में केवल 6 से 8 घंटे ही बिजली मिल रही है। वह भी बिना किसी निर्धारित समय के आती-जाती रहती है, जिससे आमजन का जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों का कहना था कि भीषण गर्मी में लगातार हो रही अघोषित कटौती से लोगों का घरों में रहना मुश्किल हो गया है। पेयजल संकट गहरा गया है, बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और किसानों सहित छोटे कारोबारियों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही गांवों में जगह-जगह जर्जर बिजली के तार, झुके हुए खंभे और ओवरलोड ट्रांसफार्मर किसी बड़े हादसे को दावत दे रहे हैं। कई बार लिखित और मौखिक शिकायतें करने के बावजूद विभाग द्वारा कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं किए जाने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।घंटों चले प्रदर्शन के बाद ग्रामीणों ने अधिशासी अभियंता (एक्सियन) कैसरगंज को 10 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा। ज्ञापन में रात के समय होने वाली अघोषित बिजली कटौती तत्काल बंद करने, जर्जर तारों और खंभों को बदलने, फॉल्ट होने पर लाइनमैनों द्वारा तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने, बिजली बिलों की तकनीकी त्रुटियों के निस्तारण के लिए विशेष शिविर लगाने, ओवरलोड ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने तथा स्थानीय शिकायत केंद्र पर 24 घंटे कर्मचारियों की तैनाती सुनिश्चित करने सहित अन्य मांगें प्रमुख रूप से शामिल थीं।ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि 48 घंटे के भीतर बिजली आपूर्ति में सुधार नहीं किया गया और जर्जर विद्युत व्यवस्था को दुरुस्त करने की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई तो क्षेत्र की जनता जिला मुख्यालय का घेराव कर व्यापक आंदोलन करेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी बिजली विभाग और स्थानीय प्रशासन की होगी।प्रदर्शन में बड़ी संख्या में पुरुषों के साथ महिलाओं ने भी भाग लिया। महिलाओं ने अधिकारियों को बताया कि बिजली न मिलने से पेयजल की व्यवस्था चरमरा गई है और घरेलू कार्यों में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शन की अगुवाई सामाजिक कार्यकर्ता आसिफ सिद्दीकी, जानकी प्रसाद तिवारी, आकाश वर्मा, शुभम सिंह तथा देवेन्द्र प्रताप सिंह सहित कई स्थानीय प्रतिनिधियों ने की।मामले की गंभीरता को देखते हुए मौके पर पहुंचे अधिशासी अभियंता कैसरगंज ने प्रदर्शनकारियों से वार्ता कर उनका ज्ञापन प्राप्त किया। उन्होंने आश्वासन दिया कि जर्जर तारों को बदलने, स्थानीय स्तर की तकनीकी समस्याओं का समाधान कराने तथा बिजली आपूर्ति में सुधार के लिए उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जा रहा है। अधिकारियों के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने फिलहाल अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया, लेकिन स्पष्ट कर दिया कि यदि तय समय सीमा में मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
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