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लखनऊ में हाई-प्रोफाइल सेक्स रैकेट का खुलासा: 49 की लोला बनना चाहती थी 29 की, सात बार कराई प्राइवेट सर्जरी

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लखनऊ में हाई-प्रोफाइल सेक्स रैकेट का खुलासा: 49 की लोला बनना चाहती थी 29 की, सात बार कराई प्राइवेट सर्जरी

लखनऊ में हाई-प्रोफाइल सेक्स रैकेट का खुलासा: 49 की लोला बनना चाहती थी 29 की, सात बार कराई प्राइवेट सर्जरी

लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक हाई-प्रोफाइल सेक्स रैकेट का पर्दाफाश हुआ है, जिसमें विदेशी युवतियों की तस्करी, प्लास्टिक सर्जरी और सेक्स ट्रेड जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं। इस रैकेट की मुख्य संचालिका उज्बेकिस्तान की नागरिक *लोला कायूमोवा* है, जो खुद को जवान और आकर्षक दिखाने के लिए *सात बार प्लास्टिक सर्जरी* करवा चुकी है। पुलिस की जांच में यह सामने आया है कि 49 वर्षीय लोला ने खुद को 29 साल की दिखाने के लिए चेहरे, होंठ, अंडरआर्म्स और प्राइवेट पार्ट की सर्जरी करवाई थी।

 

विदेश से मंगवाई लड़कियाँ, चलाया नेटवर्क

 

लोला ने भारत में अपने नेटवर्क की शुरुआत दिल्ली से की थी, लेकिन बाद में लखनऊ को अपना नया केंद्र बना लिया। लखनऊ में उसने ओमेक्स आर-वन सोसाइटी के फ्लैट नंबर 104 में रहकर रैकेट संचालित किया। यहां वह *त्रिजिन नामक एक कथित पत्रकार* के साथ लिव-इन में रह रही थी। उसे भारत में विदेशी लड़कियों की भारी डिमांड का अंदाज़ा हो चुका था, जिसके बाद उसने उज्बेकिस्तान से दो युवतियों – *होलिडा और नीलोफर* – को भारत बुलवाया। इन लड़कियों को वह देश के विभिन्न शहरों में भेजती थी, जिससे उसे मोटी कमाई होती थी।

 

डॉ. विवेक गुप्ता बना सहयोगी, सर्जरी से दिलवाता “रशियन लुक”

इस रैकेट में एक बड़ा नाम *डॉ. विवेक गुप्ता* का भी सामने आया है, जो एक पेशेवर डॉक्टर होने के बावजूद लोला के साथ इस गोरखधंधे में शामिल हो गया। पुलिस जांच के अनुसार, लोला की मुलाकात विवेक से थाईलैंड की एक यात्रा के दौरान हुई थी। वहीं से दोनों के बीच संबंध बने और विवेक इस नेटवर्क का हिस्सा बन गया। डॉ. विवेक, लड़कियों को *रशियन लुक* देने के लिए उनकी प्लास्टिक सर्जरी करता था। इसके बदले उसे भी आर्थिक लाभ मिलता था।

 

लोला का भारत में प्रवेश और रैकेट का विस्तार

जानकारी के अनुसार, लोला ने वर्ष 2013 में पासपोर्ट बनवाया और नेपाल के रास्ते भारत में प्रवेश किया। शुरुआत में उसने दिल्ली में एजेंटों की मदद से छोटे स्तर पर सेक्स सर्विस देना शुरू किया। 2014 में वह लखनऊ आ गई, जहां उसकी मुलाकात त्रिजिन से हुई। इसके बाद वह एक स्पा सेंटर में काम करने लगी और धीरे-धीरे खुद का नेटवर्क खड़ा कर लिया। उसने हाई-प्रोफाइल ग्राहकों को टारगेट किया और विदेश से लड़कियां बुलवाकर बड़ा रैकेट तैयार कर लिया।

 

पुलिस की कार्रवाई और आगे की रणनीति

इस हाई-प्रोफाइल रैकेट के खुलासे के बाद पुलिस ने *विदेशी युवतियों को हिरासत में ले लिया है*। वहीं, *लोला कायूमोवा और डॉ. विवेक गुप्ता फरार हैं*, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है। अधिकारियों का मानना है कि इस मामले की *अंतरराष्ट्रीय कड़ियाँ* भी सामने आ सकती हैं, क्योंकि इसमें उज्बेकिस्तान, नेपाल और थाईलैंड जैसे देशों की संलिप्तता के संकेत मिल रहे हैं।

पुलिस इस पूरे मामले को बहुत गंभीरता से ले रही है और *विदेशी एजेंसियों से भी संपर्क साधा जा रहा है* ताकि इस रैकेट की जड़ तक पहुँचा जा सके। बताया जा रहा है कि इस रैकेट का नेटवर्क देश के कई बड़े शहरों तक फैला हुआ था और इसमें कई और प्रभावशाली लोग शामिल हो सकते हैं।

निष्कर्ष

लखनऊ जैसे शहर में इस तरह का हाई-प्रोफाइल सेक्स रैकेट न केवल समाज के लिए शर्मनाक है, बल्कि यह कानून-व्यवस्था की दृष्टि से भी एक गंभीर चुनौती है। पुलिस की तत्परता से यह मामला उजागर हुआ है, लेकिन मुख्य सरगना की गिरफ्तारी और पूरे नेटवर्क के सामने आने के बाद ही इस केस का पूरा सच सामने आ पाएगा।

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