महाराष्ट्र में स्कूल वैन सुरक्षा नियमों के तत्काल लागू करने की मांग
Shoaib Miyanoor
|
|
— views
महाराष्ट्र में स्कूल वैन सुरक्षा नियमों के तत्काल लागू करने की मांगमुंबई: Nisha Subramanian Kunju, जो Amma Care Foundation (एसीएफ) की सामाजिक कार्यकर्ता हैं, ने Maharashtra में स्कूल वैन की सुरक्षा के लिए कड़े नियमों को तत्काल लागू करने की मांग की है। उन्होंने इस संबंध में केंद्र और राज्य के विभिन्न मंत्रियों तथा संबंधित विभागों को पत्र लिखकर बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील की है।अपने पत्र में कुंजू ने हाल ही में Badlapur में सामने आए एक चिंताजनक मामले का उल्लेख किया है, जिसमें एक स्कूल वैन चालक पर एक नाबालिग छात्रा के साथ गंभीर अपराध का आरोप लगा है। उन्होंने कहा कि इस घटना ने न केवल अभिभावकों और समाज को झकझोर दिया है, बल्कि स्कूल परिवहन व्यवस्था की निगरानी और नियमन में गंभीर कमियों को भी उजागर किया है।निशा सुब्रमणियन कुंजू ने कहा, “बच्चों की सुरक्षा, सम्मान और कल्याण के साथ कोई समझौता नहीं किया जा सकता। एक पारदर्शी और जवाबदेह स्कूल परिवहन व्यवस्था समय की आवश्यकता है, ताकि अभिभावकों का विश्वास बहाल हो सके और विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।”उन्होंने अपने पत्र के साथ स्कूल वैन सुरक्षा प्रस्ताव भी प्रस्तुत किया है, जिसमें छात्र परिवहन व्यवस्था को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए हैं। प्रस्ताव के अनुसार सभी स्कूल वैन चालकों और वाहन मालिकों का अनिवार्य पंजीकरण और सत्यापन किया जाना चाहिए। इसके साथ ही स्कूलों को इनका पूरा रिकॉर्ड रखना होगा और स्थानीय ट्रैफिक पुलिस तथा संबंधित पुलिस थानों के साथ साझा करना होगा। ड्राइवरों की अनिवार्य पुलिस वेरिफिकेशन और समय-समय पर पृष्ठभूमि जांच भी जरूरी बताई गई है।प्रस्ताव में सभी स्कूल वैन में जीपीएस युक्त डैश कैमरा, आपातकालीन एसओएस अलर्ट सिस्टम और एक समान रंग कोड लागू करने की भी सिफारिश की गई है। इसके अलावा प्रत्येक वाहन पर स्कूल का नाम तथा स्कूल प्रबंधन, वाहन मालिक और चालक के संपर्क नंबर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने का सुझाव दिया गया है। क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) द्वारा प्रत्येक वाहन में अनुमत छात्रों की संख्या का प्रमाण पत्र जारी करने की भी मांग की गई है।कुंजू ने यह भी कहा कि सभी स्कूल वैन को पीले नंबर प्लेट के साथ व्यावसायिक सार्वजनिक परिवहन श्रेणी में पंजीकृत किया जाना चाहिए, जबकि सफेद नंबर प्लेट वाले निजी वाहनों को स्कूल परिवहन के रूप में चलाने पर सख्ती से रोक लगनी चाहिए।उन्होंने परिवहन विभाग, शिक्षा विभाग, ट्रैफिक पुलिस और बाल कल्याण अधिकारियों की संयुक्त स्कूल ट्रांसपोर्ट सेफ्टी कमेटी गठित करने तथा स्कूल वैन, ड्राइवरों और सहायकों के पंजीकरण और निगरानी के लिए एक केंद्रीकृत डिजिटल प्रणाली विकसित करने का भी सुझाव दिया है।निशा सुब्रमणियन कुंजू ने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार और संबंधित विभाग इस मुद्दे की गंभीरता को समझते हुए जल्द प्रभावी कदम उठाएंगे, ताकि पूरे महाराष्ट्र में स्कूल परिवहन व्यवस्था को सुरक्षित और विश्वसनीय बनाया जा सके।
How did you feel about this news?

Loading comments...