ठाणे के बिल्डर को फ़्लैट सौंपने में 14 साल की देरी के लिए अनुचित व्यापार व्यवहार का दोषी ठहराया गया
Tabish
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ठाणे: महाराष्ट्र राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने ठाणे की कंपनी 'अश्वमेध बिल्डर्स एंड डेवलपर्स' और उसके पार्टनर हरेश दौलतानी को सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार का दोषी ठहराया है। इन पर आरोप है कि खरीदारों से बड़ी रकम लेने के बावजूद, इन्होंने लगभग 14 साल तक फ्लैट का कब्ज़ा नहीं सौंपा।शिकायतकर्ता संजय शरद दामले और स्नेहल संजय दामले ने 2010 में ठाणे के पंचपखाड़ी इलाके में बिल्डर के "अटलांटिस" प्रोजेक्ट में 31.21 लाख रुपये की कीमत पर एक फ्लैट बुक किया था।बिक्री समझौते के अनुसार, अक्टूबर 2012 तक कब्ज़ा सौंपा जाना था। शिकायतकर्ताओं ने खरीद मूल्य के तौर पर 25.97 लाख रुपये का भुगतान किया था और साथ ही स्टांप ड्यूटी व रजिस्ट्रेशन का खर्च भी उठाया था।खरीदारों का आरोप है कि बार-बार कहने के बावजूद निर्माण कार्य अधूरा रहा और कब्ज़ा कभी नहीं दिया गया। उन्होंने बिल्डर द्वारा 'एस्केलेशन चार्ज' (लागत बढ़ने पर लिया जाने वाला शुल्क) के तौर पर बाद में मांगी गई 8.28 लाख रुपये की रकम को भी चुनौती दी। उनका तर्क था कि यह रजिस्टर्ड समझौते के दायरे से बाहर था।
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