ठाणे में डेंगू मार रहा डंक, जिले में २१ दिनों में मिले १३४ डेंगू और १०५ मलेरिया के मरीज
FAC News Desk
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ठाणे में डेंगू मार रहा डंक, जिले में २१ दिनों में मिले १३४ डेंगू और १०५ मलेरिया के मरीज………
मुंबई…ठाणे जिले में पिछले एक महीने से डेंगू और मलेरिया के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। बताया गया है कि १ जुलाई से २१ जुलाई के बीच जिले में १३४ डेंगू और १०५ मलेरिया के मरीज पाए गए। इनमें से ज्यादातर मरीज ठाणे मनपा क्षेत्र में पाए गए हैं। ठाणे मनपा क्षेत्र में ५१ मलेरिया और ८२ डेंगू के मरीज पाए गए हैं।
ठाणे शहर में डेंगू-मलेरिया के मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए छात्रों की सुरक्षा के लिए कुछ स्कूलों में फॉगिंग की जा रही है। इस बीच जिला स्वास्थ्य विभाग इन बीमारियों पर नियंत्रण के लिए नागरिकों में जागरूकता पैदा कर रहा है। हर साल मानसून के दौरान जगह-जगह पानी जमा हो जाता है और मच्छर पनपने लगते हैं। इस वजह से मानसून के दौरान मलेरिया और डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। खासकर जून से अक्टूबर तक मच्छरों की वृद्धि दर अधिक होती है। इस वजह से इस दौरान डेंगू-मलेरिया के मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। स्वास्थ्य अधिकारी इन बीमारियों को बढ़ने से रोकने के लिए पूरी सावधानी बरत रहे हैं। मनपा द्वारा निर्माणाधीन इमारतों, पंक्चर टायर मरम्मत की दुकानों, गैरेज आदि सभी को नोटिस जारी किए जाते हैं और उनसे अपील की जाती है कि वे ध्यान रखें कि उनमें बारिश का पानी जमा न हो। इसके बावजूद शहर में डेंगू और मलेरिया के मरीजों की संख्या बढ़ रही है।
उल्हासनगर गंदा शहर
ठाणे जिले में सबसे गंदे शहर के रूप में विख्यात उल्हासनगर मनपा क्षेत्र डेंगू-मलेरिया से मुक्त शहर बताया गया है। १ जुलाई से २१ जुलाई तक ठाणे में मलेरिया के ५१ और डेंगू के ८२ मरीज पाए गए है। इसी प्रकार कल्याण-डोबिवली महापालिका क्षेत्र में मलेरिया के १६ और डेंगू के ३२, उल्हासनगर मनपा क्षेत्र में मलेरिया-डेंगू की मरीजों की संख्या शून्य है। भिवंडी मनपा क्षेत्र में मलेरिया के ०२ और डेंगू के ०१, नई मुंबई में मलेरिया के दो और डेंगू के ७,मीरा-भायंदर में मलेरिया के २३ और डेंगू के ०५, ठाणे ग्रामीण में मलेरिया के ११ और डेंगू के ०७ मरीज पाए गए है। इस प्रकार मलेरिया के कुल १०५ और डेंगू १३४ मरीज २१ दिनों में पाए गए हैं।
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