लब्बैक एजुकेशन वेलफेयर कमेटी ने आख़िरी हज फ्लाइट तक हुज्जाज-ए-किराम की दिल से की ख़िदमत
Tabish
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अल्हाज हाजी इब्राहीम शेख भाईजान की सरपरस्ती में हर साल कायम रहती है इंसानियत, मोहब्बत और ख़ुलूस की शानदार मिसाल( रिपोर्ट : एडिटर जफर सिद्दीकी)मुंबई :- मुंबई स्थित हज कमेटी ऑफ इंडिया की तारीख 20 मई 2026 की आख़िरी हज फ्लाइट तक लब्बैक एजुकेशन वेलफेयर कमेटी की जानिब से हुज्जाज-ए-किराम की बेहद शानदार, मुंतज़िम और दिली एहसासात के साथ ख़िदमत अंजाम दी गई। हज के मुकद्दस सफर पर रवाना होने वाले हाजियों की रहनुमाई, मदद, सामान की तरतीब, दस्तावेज़ी कार्रवाई और दूसरी जरूरी सहूलियतों का बेहतरीन इंतज़ाम किया गया।कमेटी के जिम्मेदारान और वालंटियर्स ने पूरे जज़्बा-ए-ख़िदमत, मोहब्बत और इंसानियत के साथ हाजियों की सेवा की। खास तौर पर बुजुर्ग हुज्जाज और खवातीन की मदद के लिए टीम हर वक्त मौजूद रही और कदम-कदम पर उनका भरपूर तआवुन करती नज़र आई। एयरपोर्ट परिसर में हाजियों को किसी तरह की दिक्कत पेश न आए, इसके लिए तमाम अरकान पूरी मुस्तैदी और जिम्मेदारी के साथ अपनी ड्यूटी अंजाम देते रहे।इस नेक और फ़लाही काम में कई समाजी और मीडिया शोबे से जुड़े अफराद ने भी हिस्सा लिया और तन-मन से अपनी ख़िदमात पेश कीं। हाजियों और उनके अहल-ए-खाना ने कमेटी की इस शानदार इंतज़ामिया और बेहतरीन ख़िदमत को दिल से सराहा और तमाम जिम्मेदारान को ढेरों दुआओं से नवाज़ा।लब्बैक एजुकेशन वेलफेयर कमेटी के प्रेसिडेंट अल्हाज हाजी इब्राहीम शेख भाईजान की सरपरस्ती और रहनुमाई में यह ख़िदमत हर साल बखूबी अंजाम दी जाती है। कमेटी के को-ऑर्डिनेटर अब्दुल रहीम शेख ने कहा कि,“अल्लाह तआला हमारी इस मामूली सी ख़िदमत को अपनी बारगाह में कबूल फरमाए और हमें आइंदा भी हुज्जाज-ए-किराम की सेवा का मौका अता करे। हाजियों की ख़िदमत हमारे लिए सिर्फ जिम्मेदारी नहीं बल्कि एक इबादत और सआदत है।”उन्होंने आगे कहा कि कमेटी का हर रुक्न पूरी ईमानदारी, अखलास और जिम्मेदारी के साथ हाजियों की सहूलियत के लिए काम करता है और यही वजह है कि हर साल लोगों का एतमाद और मोहब्बत लगातार बढ़ती जा रही है।इस मौके पर कमेटी के जिम्मेदारान और अरकान में हाजी इब्राहीम शेख (भाईजान), असद इब्राहीम शेख, रफीक शेख, को-ऑर्डिनेटर अब्दुल रहीम शेख,एडिटर जफरसिद्दीकी, समाजसेवक ईरशाद काजी, मुश्ताक सरवर, रिजवान सौदागर, तलत महमूद, अब्दुल अज़ीज़ (बाबा), शाकिर मंसूरी, अब्दुल समद सिद्दी, तरापुरे, काज़ी भाई, अलाउद्दीन पठान, अयूब शेख, परवेज, रियाज़, अशफाक भाई माहिमी, रईस फारूक, इमरान सैयद समेत कई दूसरे अरकान ने अपनी अहम जिम्मेदारियां निभाईं।हुज्जाज-ए-किराम ने कहा कि लब्बैक एजुकेशन वेलफेयर कमेटी की यह ख़िदमत उनके सफर को आसान, यादगार और रूहानी कैफियत से भर देने वाली रही। समाजी यकजहती, भाईचारे और इंसानियत की यह खूबसूरत मिसाल मुंबई में लोगों के लिए प्रेरणा बनती जा रही है।आख़िर में तमाम जिम्मेदारान और वालंटियर्स ने मुल्क में अमन-ओ-अमान, तरक्की, भाईचारे और पूरी उम्मत-ए-मुस्लिमाह के लिए खास दुआएं भी कीं।
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