सोशल मीडिया पर छाई “कॉकरोच जनता पार्टी”, कौन हैं इसके फाउंडर अभिजीत दिपके?
Tabish
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संवाददाता शोएब म्यानुंर मुंबई इन दिनों सोशल मीडिया पर एक नाम तेजी से वायरल हो रहा है — कॉकरोच जनता पार्टी। यह कोई पारंपरिक राजनीतिक पार्टी नहीं, बल्कि एक डिजिटल और व्यंग्यात्मक (satirical) आंदोलन माना जा रहा है, जिसने कुछ ही दिनों में इंटरनेट पर बड़ी चर्चा छेड़ दी। कैसे शुरू हुआ पूरा मामला?रिपोर्ट्स के मुताबिक यह ट्रेंड सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की एक कथित टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर उभरा। इसके बाद महाराष्ट्र के रहने वाले अभिजीत दिपके ने “कॉकरोच जनता पार्टी” नाम से एक ऑनलाइन अभियान शुरू किया। देखते ही देखते यह नाम युवाओं के बीच वायरल हो गया। बेरोजगारी, सिस्टम से नाराज़गी और राजनीतिक व्यंग्य को जोड़ते हुए इस अभियान ने लाखों लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा। कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि पार्टी के सोशल मीडिया अकाउंट्स ने कुछ ही दिनों में लाखों फॉलोअर्स हासिल कर लिए। कौन हैं अभिजीत दिपके?अभिजीत दिपके को इस डिजिटल आंदोलन का संस्थापक बताया जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार वे महाराष्ट्र से हैं और सोशल मीडिया व जनसंपर्क से जुड़े रहे हैं। इंटरनेट पर उनके वीडियो और पोस्ट तेजी से वायरल हुए, जिनमें वे मौजूदा व्यवस्था पर सवाल उठाते नजर आए। सोशल मीडिया पर क्यों हुआ वायरल?“कॉकरोच जनता पार्टी” के वायरल होने के पीछे कई वजहें बताई जा रही हैं:युवाओं की बेरोजगारी और सिस्टम से नाराज़गीराजनीतिक व्यंग्य और मीम कल्चरआक्रामक सोशल मीडिया कैंपेनवायरल वीडियो और इंस्टाग्राम रील्सX (Twitter) और Instagram पर तेजी से बढ़ते फॉलोअर्सकई यूज़र्स ने इसे “डिजिटल विरोध” का नया तरीका बताया, जबकि कुछ लोगों ने इसे केवल एक इंटरनेट ट्रेंड और मज़ाक कहा। अकाउंट सस्पेंड होने के बाद और बढ़ी चर्चामामला तब और चर्चा में आ गया जब कॉकरोच जनता पार्टी के X अकाउंट और वेबसाइट पर कार्रवाई की खबरें सामने आईं। अभिजीत दिपके ने दावा किया कि अकाउंट ब्लॉक और वेबसाइट बंद कर दी गई। इसके बाद सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर बहस और तेज हो गई। क्या यह असली राजनीतिक पार्टी है?अब तक उपलब्ध जानकारी के अनुसार, “कॉकरोच जनता पार्टी” कोई आधिकारिक रूप से पंजीकृत राजनीतिक दल नहीं है। इसे अधिकतर मीडिया रिपोर्ट्स ने एक व्यंग्यात्मक डिजिटल आंदोलन या सोशल मीडिया कैंपेन बताया है। हालांकि, इंटरनेट पर इसकीलोकप्रियता ने यह जरूर दिखाया कि सोशल मीडिया आज राजनीतिक और सामाजिक बहस का बड़ा मंच बन चुका है।
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